बिहार पंचायत परिसीमन के डाटा में सुधार के निर्देश, चुनाव आयोग के पोर्टल पर आज अपलोड होंगे आंकड़े
Bihar Panchayat Chunav:बिहार में पंचायत चुनाव से पहले 2011 की जनगणना पर आधारित परिसीमन का डाटा आज आयोग के पोर्टल ...और पढ़ें

पंचायती राज विभाग द्वारा तैयार डाटा में आयोग द्वारा कुछ संशोधन सुझाए जाने के कारण यह प्रक्रिया निर्धारित समय पर पूरी नहीं हो सकी थी।
HighLights
2011 जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया तेज।
संशोधित डाटा आज चुनाव आयोग पोर्टल पर अपलोड।
पंचायतों की संख्या और भौगोलिक सीमाएं बदलेंगी।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar Panchayat Delimitation : बिहार में आगामी पंचायत चुनाव से पूर्व राज्य निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर पंचायतों के नए सिरे से परिसीमन की प्रक्रिया तेज कर दी है।
संयुक्त निर्वाचन आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को जवाबदेही सौंपते हुए परिसीमन से संबंधित डाटा अनिवार्य रूप से आयोग के पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है।
हालांकि पंचायती राज विभाग द्वारा तैयार डाटा में आयोग द्वारा कुछ संशोधन सुझाए जाने के कारण यह प्रक्रिया निर्धारित समय पर पूरी नहीं हो सकी थी।
आज अपलोड होगा डाटा
मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव ने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार आंकड़ों में आवश्यक सुधार कर बुधवार को सारा डाटा पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए पोर्टल पर अपलोड होने वाले आंकड़ों पर संबंधित जिलाधिकारी का डिजिटल हस्ताक्षर होना अनिवार्य किया गया है।
प्रारंभिक चरण के तहत प्रखंड एवं पंचायतों की वर्तमान स्थिति के अनुसार राजस्व ग्रामवार जनसंख्या के आंकड़ों की सूक्ष्मता से जांच कर एंट्री की जा रही है।
बदलेगी पंचायतों की सीमा
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व वर्ष 1984-85 में 1981 की जनगणना के आधार पर परिसीमन हुआ था, जिसके जिला गजट के पीडीएफ का अध्ययन कर आगे की कार्यवाही करने को कहा गया है। आगामी चुनाव से पहले नए सिरे से परिसीमन लागू होने से वार्डों और पंचायतों की मौजूदा भौगोलिक सीमाओं में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है।
सीमाओं में फेरबदल होने के कारण विभिन्न क्षेत्रों में वार्ड सदस्यों और मुखिया समेत अन्य पदों के लिए सीटों व आरक्षण की संख्या पर भी सीधा असर पड़ेगा।
बढ़ेगी पंचायतों की संख्या
वर्तमान में मुजफ्फरपुर जिले में कुल 373 पंचायतें हैं, जिनकी संख्या नए परिसीमन के बाद बढ़कर लगभग साढ़े पांच सौ तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं पूरे बिहार में अभी 8,053 पंचायतें मौजूद हैं, जिनके पुनर्गठन के बाद राज्य में कुल पंचायतों की संख्या बढ़कर 12 हजार से अधिक हो सकती है।
जिला प्रशासन के अनुसार प्रारंभिक डाटा अपलोड होने और आपत्तियों के नियमानुसार निराकरण के बाद ही परिसीमन का अंतिम स्वरूप घोषित किया जाएगा।
