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    सबसे पहले किस सीट की होगी मतगणना, किसके लिए करना होगा अधिक इंतजार, सामने आई व्यवस्था

    By Prem Shankar Mishra Edited By: Ajit kumar
    Updated: Sun, 09 Nov 2025 01:29 PM (IST)

    Bihar Assembly Election 2025: मुजफ्फरपुर में बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना 16 नवंबर को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। 11 विधानसभा सीटों के लिए बाजार समिति ...और पढ़ें

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    यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। BiharAssemblyElection 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के प्रथम चरण का मतदान जहां संपन्न हो गया है वहां अब मतगणना की तैयारी चल रही है। इसको लेकर प्रशिक्षण व अन्य कार्य पूरे किए जा रहे हैं। मुजफ्फरपुर की सभी सीटों के लिए बाजार समिति में स्ट्रांग रूम है। यहां तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। 

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    बाहरी घेरा बिहार पुलिस के जवानों का है। उसके बाद बिहार सैप के जवानों की तैनाती है। इसके बाद सबसे सख्त व्यवस्था केंद्रीय बलों की है। इतना ही नहीं। प्रवेश द्वार के पास फ्रिस्किंग की व्यवस्था की गई है। निगरानी के लिए दर्जनों सीसी कैमरे लगाए गए हैं। इसकी कंट्रोल रूम से मानीटरिंग की जा रही है। इन मतों की गिनती 14 नवंबर की सुबह आठ बजे शुरू होगी। चुनाव आयोग ने इसकी तैयारी कर ली है। 

    चुनाव पारदर्शिता में किसी भी स्तर से चूक न हो इसके लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। आयोग की ओर से निर्धारित प्रोटोकाल का पालन किया जा रहा है। बाजार समिति स्थित स्ट्रांग रूम को उच्चतम सुरक्षा मानकों से लैस किया गया है। 

    मतगणना से पहले चुनाव कार्य से जुड़े अधिकारी निगरानी, नियंत्रण और समन्वय में किसी स्तर से चूक न हो इसकी व्यवस्था में जुटे हैं। इसके लिए पूरे वज्रगृह परिसर में तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। किसी को भी अंदर आने की अनुमति नहीं है।

    सुबह साढ़े आठ बजे से रुझान आने की उम्मीद है। बूथों की संख्या को देखते हुृए सबसे पहले सकरा और मीनापुर विधानसभा क्षेत्र के वोटों की गिनती पूरी होने की उम्मीद है।

    सबसे बाद में मुजफ्फरपुर और गायघाट के वोटों की गिनती पूरी होगी। पोस्टल बैलेट की गिनती आरओ टेबल पर होगी।विदित हो कि जिले में सबसे कम बूथ सकरा और मीनापुर में है।

    इस कारण यहां 25 राउंड की गिनती में ही मतगणना पूरी हो जाएगी। सबसे अधिक बूथ गायघाट एवं मुजफ्फरपुर विधानसभा सीट पर हैं। इस कारण इन दाेनों विधानसभाओं में 30-30 राउंड गिनती होगी।

    विधानसभा बूथ राउंड टैली

    विधानसभा बूथ राउंड
    गायघाट 416 30
    औराई 400 29
    मीनापुर 345 25
    बोचहां 365 27
    सकरा 343 25
    कुढ़नी 375 27
    मुजफ्फरपुर 416 30
    बरूराज 388 28
    पारू 388 28
    साहेबगंज 385 28
    कुल योग 3721 277

    आरओ, एआरओ, आब्जर्वर, प्रत्याशी व एजेंट की उपस्थिति में खोले जाएंगे स्ट्रांग रूम

    जिला निर्वाचन पदाधिकारी व जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कहा मतगणना की पारदर्शिता व निष्पक्षता सर्वोपरि है। इसके लिए सभी निर्वाची पदाधिकारी को आयोग द्वारा प्रदत्त मार्गदर्शिका पुस्तिका का अध्ययन कर आयोग के मानक के अनुरूप काउंटिंग की संपूर्ण प्रक्रिया त्वरित गति से पूरी करने का निर्देश दिया है।

    मतगणना के दिन सुबह स्ट्रांग रूम खोलने की प्रक्रिया प्रत्याशियों अथवा उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति में वीडियो रिकार्डिंग के साथ की जाएगी। संबंधित विधानसभा क्षेत्र के आरओ, एआरओ, आब्जर्वर, प्रत्याशी व एजेंट की उपस्थिति में ही स्ट्रांग रूम के ताले खोले जाएंगे।

    ईवीएम को सुरक्षा बल की निगरानी में विशेष रूट चार्ट के अनुसार मतगणना हाल तक पहुंचाया जाएगा। गणना पूरी होने के बाद ईवीएम को पुनः सुरक्षित रूप से स्ट्रांग रूम में सील कर रखा जाएगा। आयोग द्वारा नियुक्त केंद्रीय प्रेक्षक प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में मतगणना के हर चरण की निगरानी करेंगे।

    मतगणना केंद्र परिसर में चिकित्सा, बिजली व आपातकालीन सेवाओं की भी पूरी व्यवस्था की गई है। यहां एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीम व रिजर्व पावर बैकअप तैनात रहेंगे। नगर निगम द्वारा परिसर की स्वच्छता, पेयजल व स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया गया है।


    सभी विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया : मतगणना को लेकर सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मतगणना स्थल पर किसी भी प्रकार की अफवाह या अवांछित गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    ऐसे तत्वों पर कठोर कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी ने कहा मतगणना लोकतंत्र का सबसे संवेदनशील व निर्णायक चरण है। हमारा संकल्प है कि यह प्रक्रिया पूरी शुद्धता, निष्पक्षता, पारदर्शिता व शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न होगी।

    आयोग की ओर से यह कोशिश की जा रही है कि मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी स्तर से चूक नहीं होनी चाहिए। संस्था पर लोगों के भरोसे के लिए ऐसा आवश्यक है। अभी समस्तीपुर की घटना के बाद इसको लेकर सतर्कता का स्तर और बढ़ा दिया गया है। खासकर पहले चरण के जिन 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान हुआ था वहां पर। 

    व्यवस्था को और पारदर्शी बनाए रखने के लिए सभी विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को भी निगरानी व्यवस्था से जोड़ा गया है। तीन पाली में निगरानी की जा रही है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक खुद बाजार समिति पहुंच कर वहां की व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।