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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Kalazar eradication: एचआइवी के साथ कालाजार के तेजी से बढ़ रहे मामले उन्मूलन की राह में बड़ा चैलेंज

By Ajit KumarEdited By:
Published: Sun, 21 Aug 2022 09:39 AM (GMT+05:30)

Bihar Kalazar eradication इंजेक्शन का हो रहा साइड इफेक्ट इलाज में रखें सावधानी। अभी कालाजार की एक दवा पर तेजी ...और पढ़ें

बिहार में 2023 तक कालाजार उन्मूलन का टास्क। फोटो: जागरण
बिहार में 2023 तक कालाजार उन्मूलन का टास्क। फोटो: जागरण

मुजफ्फरपुर, [अमरेंद्र तिवारी]। Bihar Kalazar eradication: बिहार में कालाजार उन्मूलन की ओर है, लेकिन इधर एचआइवी के साथ इस बीमारी के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। यह उन्मूलन की राह में चैलेंज है। ये बातें आरएमआरआइ के निदेशक डा.कृष्णा पांडेय ने कालाजार उन्मूलन को लेकर आयोजित बैठक में कही। बैठक रामबाग िस्थत कालाजार रिसर्च सेंटर में हुई। डा.पांडेय ने कहा कि मानक के हिसाब से बिहार में कालाजार उन्मूलन की ओर से है। 2023 तक सरकार ने टास्क दिया था। अब इस बात का ध्यान रखना है कि तीन साल तक रोग पर नियंत्रण के साथ जो मरीज मिले हैं उनका बेहतर फालोअप हो। पांडेय ने कहा कि अभी कालाजार इलाज के लिए जो इंजेक्शन उपलब्ध है उसको कुछ साइड इफेक्ट भी सामने आ रहे हैं। खासकर आंख पर असर पड़ रहा है। इस दिशा में पहल चल रही कि आने वाले दिन में एक नई दवा भी बाजार में आएगी। उसपर शोध अंतिम चरण में है।

जांच की हर जगह सुविधा

कालाजार जांच के लिए किट उपलब्ध है, लेकिन उसकी जांच के बाद खून की जांच के बाद ही इलाज की ओर बढ़ना चाहिए। राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डा.विनय कुमार शर्मा ने कहा कि संदिग्ध मरीज की पहचान, जांच व इलाज सही तरीके से होना चाहिए। जांच के लिए हर जगह पर सुविधा मिल रही है। जब छिडकाव का कार्यक्रम चले तो उस समय भी सजगता रखने की जरूरत है। कालाजार को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर शोध करने वाले डा.श्याम सुंदर ने कहा कि कालाजार फैलाने वाली मक्खी के साथ छिड़काव वाली दवा व इलाज वाला दवा पर शोध लगातार जारी है। बिहार के सारे चिकित्सक व कर्मियों के सहयोग से कालाजार का उन्मूलन हो रहा है। सिविल सर्जन डा.यूसी शर्मा ने कहा कि मरीज की पहचान व इलाज पर पूरा ध्यान देना है।

इनकी रही भागीदारी : एसीएमओ डा.एसपी सिंह, जिला वेक्टरजनित रोग पदाधिकारी डा.सतीश कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा. अजय पाण्डेय, कालाजार रिचर्स सेंटर के प्रशासक अनिल शर्मा, लैब टेकनीशियन रामकुमार समेत छपरा, गोपालगंज व मुजफ्फरपुर के अधिकारी शामिल हुए।