पश्चिम चंपारण [जेएनएन]। बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड (Muzaffarpur Shelter Home Case) की एक पीड़ित लड़की को अगवा कर चार युवकों ने चलती गाड़ी में सामूहिक दुष्‍कर्म किया। पीड़िता का इलाज बेतिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज व अस्‍पताल में चल रहा है, जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। खास बात यह है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह की पीड़ित लड़कियों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक गंभीर है। ऐसे में लड़की के साथ यह हादसा कानून व्‍यवस्‍था (Law and Order) पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
खास बात यह है कि पीड़ित लड़की मुजफ्फरपुर बालिका गृह में कांड के खुलासे से दो दिन पहले ही भेजी गई थी। कांड के खलासे के बाद उसे दूसरी जगह भेज दिया गया था। ऐसे में लड़की मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में दुष्‍कर्म पीड़िता नहीं रही, लेकिन उसने वहां की पीड़ा का मानसिक दंश भोगने की पीड़िता जरूर है। वह घटनाक्रम की अहम गवाह भी है।
पीड़िता ने चार युवकों पर चलती गाड़ी में सामूहिक दुष्‍कर्म का आरोप लगाया है। पश्चिम चंपारण के एसपी जयंतकांत ने बताया कि शनिवार को लड़की नगर थाने पहुंची। उसे महिला थाने के संरक्षण में पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस अभिरक्षा में उसका इलाज चल रहा है। महिला थानाध्यक्ष के नेतृत्व में जांच टीम बनाई गई है। रविवार को उसकी मेडिकल जांच कराई जाएगी।
गाड़ी में खींचकर किया गंदा काम
लड़की ने बताया कि वह शुक्रवार रात पड़ोस में किसी परिचित के घर जा रही थी। इसी दौरान चारपहिया वाहन में सवार चार युवकों ने उसे गाड़ी में खींच लिया। सभी युवक अपने चेहरे नकाब से छिपाए हुए थे। चारों ने चलती गाड़ी में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। फिर, उसके मोहल्ले में छोड़ दिया।
पीड़िता ने दो आराेपितों को पहचाना
पीड़िता के अनुसार घटना के दौरान उसने एक दो युवकों के नकाब खींचकर उनकी पहचान कर ली। बताया जाता है कि घटना में एक ही परिवार के चार लोग शामिल थे, जिनमें दो सगे भाई बताए गए हैं।

Posted By: Amit Alok

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