बिहार में EWS की खाली सीटें अब सिर्फ इसी वर्ग के लिए, हर प्रमंडल में खुलेंगे आवासीय स्कूल
Bihar Swarna Aayog: बिहार सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए बड़े फैसले लिए हैं, जिसके तहत ...और पढ़ें

आयोग के सदस्य राजकुमार सिंह का स्वागत करते विधायक व अन्य। फोटो: जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। EWS Vacant Seats: बिहार सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अभ्यर्थियों और छात्र-छात्राओं के हित में कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए हैं।
अब बिहार में ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत आने वाली रिक्त सीटों पर किसी अन्य श्रेणी या वर्ग के अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं की जाएगी। इसके साथ ही ईडब्ल्यूएस वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए राज्य के सभी नौ प्रमंडलों में विशेष आवासीय विद्यालय (Residential Schools) स्थापित किए जाएंगे।
यह महत्वपूर्ण जानकारी बिहार राज्य सवर्ण आयोग के सदस्य राजकुमार सिंह ने मुजफ्फरपुर में एनडीए कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान साझा की।
रिक्त सीटों पर मिलेगा आरक्षण का लाभ
सवर्ण आयोग के सदस्य राजकुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि कई बार ईडब्ल्यूएस श्रेणी की सीटें खाली रह जाने पर अन्य वर्गों से उसे भरने की मांग उठती थी, लेकिन अब सरकार ने साफ कर दिया है कि इन आरक्षित सीटों पर सिर्फ इसी वर्ग के युवाओं का हक होगा।
इससे आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण समाज के युवाओं को आरक्षण का वास्तविक और सीधा लाभ मिल सकेगा। इस जनहितैषी फैसले के लिए आयोग और एनडीए नेताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया है।
हर प्रमंडल में खुलेंगे विशेष आवासीय विद्यालय
बैठक के दौरान राजकुमार सिंह ने बताया कि आयोग की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि ईडब्ल्यूएस श्रेणी के दायरे में आने वाले लगभग 22 प्रतिशत परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। पैसे के अभाव में ऐसे परिवार अपने प्रतिभावान बच्चों को उच्च और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं दिला पाते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार प्रत्येक प्रमंडल स्तर पर विशेष आवासीय विद्यालय खोलने की कार्ययोजना पर काम कर रही है, जहां इन बच्चों को रहने-खाने के साथ बेहतर शैक्षणिक माहौल और अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
पूरे वित्तीय वर्ष तक मान्य होगा सर्टिफिकेट
अभ्यर्थियों को होने वाली प्रशासनिक दिक्कतों को दूर करते हुए सरकार ने नियमों में बड़ा सरलीकरण किया है। अब ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र (EWS Certificate) को पूरे वित्तीय वर्ष (Financial Year) के लिए मान्यता दी जाएगी।
पहले इसकी समय सीमा बेहद सीमित होने के कारण युवाओं को हर बहाली के वक्त नया सर्टिफिकेट बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे।
इसके अलावा, अब बिहार पुलिस की सिपाही भर्ती सहित राज्य की अन्य सभी सरकारी नियुक्तियों में भी इस नए सरलीकृत ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र को पूरी मान्यता दी जाएगी।
आयोग ने सभी 9 प्रमंडलों में की समीक्षा
सवर्ण आयोग के सदस्य ने बताया कि आयोग ने राज्य के सभी नौ प्रमंडलों में समीक्षा बैठकें पूरी कर ली हैं और यह जनसंपर्क अभियान आगे भी जारी रहेगा।
आयोग के सदस्य लगातार जिलों का दौरा कर आम जनता की समस्याओं को समझ रहे हैं और उनकी ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर सरकार को कल्याणकारी नीतियों के लिए सुझाव भेज रहे हैं।
मुजफ्फरपुर में आयोजित इस सांगठनिक बैठक के मौके पर स्थानीय विधायक पंकज मिश्रा, जिला कल्याण पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार मिश्रा, जदयू नेता शैलेश कुमार शैलू, गौरव कुमार नन्हे सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
