बिहार में खाद की कालाबाजारी रोकने को कड़ा कदम, अब रैक प्वाइंट और मुख्यालय पर डंप करना अवैध
Fertilizer Black Marketing Bihar: कृषि विभाग ने बिहार में खाद की कालाबाजारी और वितरण में देरी रोकने के लिए कड़ा ...और पढ़ें

फास्फेटिक और पोटाश उर्वरकों को अब सीधे खुदरा बिक्री केंद्रों तक पहुंचाना अनिवार्य होगा।
अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Bihar Fertilizer Distribution Rules: खाद की कालाबाजारी और वितरण में देरी रोकने को कृषि विभाग ने कड़ा कदम उठाया है।
फास्फेटिक और पोटाश उर्वरकों को अब सीधे खुदरा बिक्री केंद्रों तक पहुंचाना अनिवार्य होगा। परिवहन भाड़ा आधार पर खाद सीधे दुकानों तक पहुंचाने का सख्त निर्देश जारी किया गया है।
मुख्यालय पर डंपिंग बंद
कंपनियां अब केवल रेलवे माल गोदाम या जिला मुख्यालय को गंतव्य मानकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकती हैं। आधिकारिक आदेश के अनुसार डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी की सुचारू उपलब्धता के लिए यह फैसला लिया गया है।
इससे ग्रामीण इलाकों तक समय पर खाद पहुंचेगी और बिचौलियों पर लगाम लगेगी।
खुदरा केंद्रों तक आपूर्ति
जिला कृषि पदाधिकारी भारत भूषण ने बताया कि कृषि निदेशक मुकेश कुमार लाल ने सख्त निर्देश दिए हैं। नए नियम के तहत जिला आवंटन योजना के अनुरूप अधिकृत खुदरा दुकान तक आपूर्ति अनिवार्य है।
जब तक खाद दुकान तक नहीं पहुंचती, तब तक आपूर्ति को पूरा नहीं माना जाएगा।
रैक का रिकॉर्ड अनिवार्य
कृषि निदेशक ने कंपनियों को समयबद्ध उठाव और परिवहन सुनिश्चित करने की चेतावनी दी है। प्रत्येक मालगाड़ी रैक से प्राप्त मात्रा, आवंटित जिला, प्रखंड और निर्धारित खुदरा केंद्र का विवरण रखना होगा।
पारदर्शी रिकॉर्ड मिलने से आवश्यकता पड़ने पर इसका भौतिक सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा।
बिना सूचना रुकावट अवैध
खुदरा केंद्रों तक परिवहन में व्यावहारिक कठिनाई आने पर सक्षम पदाधिकारी को पहले सूचित करना होगा। बिना पूर्व सूचना के किसी निर्धारित गंतव्य पर आपूर्ति रोकने या देरी करने पर कार्रवाई होगी।
यूरिया की आपूर्ति भी भारत सरकार के परिचालन आदेश के तहत कंपनियों की जिम्मेदारी होगी।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
व्यवस्था के पालन में शिथिलता, अनियमितता या अनावश्यक देरी पाई जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर राजद नेता अमरेन्द्र कुमार ने कृषि विभाग के इस कदम का स्वागत किया है।
उन्होंने कहा कि इससे खुदरा विक्रेताओं और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
