बिहार में इंजीनियरिंग की पढ़ाई अब हिंदी और मैथिली में भी, MIT मुजफ्फरपुर में होगी अहम बैठक
NEP 2020 Engineering Syllabus: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बिहार में इंजीनियरिंग का पाठ्यक्रम अब अंग्रेजी के साथ हिंदी ...और पढ़ें

एमआइटी परिसर में सात से 11 सितंबर तक एक्सपर्ट एडवाइजरी कमिटी की बैठक आयोजित होगी। (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar Engineering Syllabus Update: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अब बिहार में इंजीनियरिंग का पाठ्यक्रम अंग्रेजी के साथ हिंदी और मैथिली भाषा में भी तैयार किया जाएगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग (सीएसटीटी) के सहायक निदेशक दीपक कुमार ने इस सिलसिले में मुजफ्फरपुर स्थित एमआइटी का दौरा किया।
उन्होंने बताया कि त्रिभाषीय तकनीकी पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए एमआइटी परिसर में सात से 11 सितंबर तक एक्सपर्ट एडवाइजरी कमिटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी।
स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा
सहायक निदेशक के अनुसार यह पहल भारतीय भाषाओं में तकनीकी एवं उच्च शिक्षा की अध्ययन सामग्री को समृद्ध करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
अंग्रेजी, हिंदी और मैथिली में मानक तकनीकी शब्दावली विकसित होने से विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को जटिल विषय समझने में आसानी होगी।
इस त्रिभाषीय शब्दावली से स्थानीय भाषा-भाषी छात्रों के मन से अंग्रेजी का डर दूर होगा और तकनीकी ज्ञान का दायरा बढ़ेगा।
एमआइटी में राष्ट्रीय मंथन
एमआइटी के प्राचार्य डा. मिथिलेश कुमार झा ने कहा कि संस्थान में इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक और भाषायी कार्यक्रम का आयोजन होना पूरे बिहार के लिए गौरव की बात है।
इस विमर्श बैठक से तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में तीनों भाषाओं के बीच शब्दावली के बेहतर समन्वय और मानकीकरण को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के सफल और सुचारु संचालन के लिए संस्थान की ओर से दीपक कुमार चौधरी को आधिकारिक रूप से कार्यक्रम समन्वयक नियुक्त किया गया है।
