बिहार में अब बिजली चोरी पर जेल में नहीं पीसनी पड़ेगी चक्की, ढीली होगी जेब, लगेगा 10 लाख तक का जुर्माना
Electricity Theft Fine Bihar: बिहार में बिजली के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है, अब विद्युत संपत्ति को नुकसान ...और पढ़ें

धारा 140 के अनुसार जानबूझकर क्षति पहुंचाने पर भी 1 लाख तक का जुर्माना तय किया गया है।
HighLights
बिहार में बिजली नियमों में जन विश्वास अधिनियम के तहत बदलाव।
विद्युत संपत्ति नुकसान पर 5 हजार से 1 लाख तक का जुर्माना।
जेल का प्रावधान खत्म, अब 10 लाख तक का भारी जुर्माना।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar Electricity Rule Changes: बिहार में बिजली के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। पोल, तार, मीटर या अन्य विद्युत संपत्ति को नुकसान पहुंचाना अब जेब पर काफी भारी पड़ेगा।
जन विश्वास अधिनियम, 2026 के तहत विद्युत अधिनियम में संशोधन कर नए प्रावधान लागू किए गए हैं।
कड़ाई से अनुपालन के निर्देश
मुजफ्फरपुर सर्कल के विद्युत अधीक्षण अभियंता पंकज राजेश ने गुरुवार को जिले के सभी पांचों सब डिवीजनों के विद्युत कार्यपालक अभियंताओं को कड़ाई से अनुपालन का पत्र जारी किया है।
वहीं विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, मुजफ्फरपुर पूर्वी के कार्यपालक अभियंता ने भी सभी कनीय अभियंताओं को नए प्रावधानों को लागू करने का निर्देश दिया है।
लापरवाही पर भारी जुर्माना
संशोधित धारा 139 के तहत विद्युत सामग्री को लापरवाही से नुकसान पहुंचाने पर 5 हजार से 1 लाख रुपये तक दंड लगेगा। वहीं धारा 140 के अनुसार जानबूझकर क्षति पहुंचाने पर भी 1 लाख तक का जुर्माना तय किया गया है।
आदेश न मानने पर रोज पेनल्टी
धारा 142 के तहत विद्युत आयोग के निर्देशों का उल्लंघन करने पर अधिकतम 10 लाख रुपये तक जुर्माना लगेगा। लगातार उल्लंघन करने की स्थिति में प्रतिदिन 1 हजार से 10 हजार रुपये तक का अतिरिक्त दंड वसूला जाएगा।
जेल का प्रावधान खत्म
धारा 146 से कारावास का प्रावधान हटाकर 10 हजार से 10 लाख रुपये तक के जुर्माने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही औद्योगिक, व्यावसायिक और कृषि उपभोक्ताओं के लिए शमन राशि की दरें भी नई तय कर दी गई हैं।
