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मुजफ्फरपुर के गायघाट में नकली सीमेंट फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो ट्रक माल और मशीनें जब्त

Published: Thu, 28 May 2026 07:51 PM (IST)

Duplicate Cement Factory: पुलिस ने मुजफ्फरपुर के गायघाट में एक नकली सीमेंट फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है, जहां से दो ...और पढ़ें

गायघाट में पकड़ी गई नकली सीमेंट की फैक्ट्री और ट्रक पर लोड सीमेंट। फोटो: जागरण

गायघाट में पकड़ी गई नकली सीमेंट की फैक्ट्री और ट्रक पर लोड सीमेंट। फोटो: जागरण

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संवाद सहयोगी, गायघाट (मुजफ्फरपुर)। Muzaffarpur Fake Cement: जिले के गायघाट थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली सीमेंट बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है।

बेला गोपी गांव स्थित एक ईंट भट्ठा के पास वर्षों से संचालित इस फैक्ट्री पर शुक्रवार रात गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही संचालक, कारीगर और मजदूर मौके से फरार हो गए।

दो ट्रक नकली सीमेंट बरामद

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पांच ब्रांडेड कंपनियों के नाम से तैयार दो ट्रक सीमेंट बरामद किए हैं। मौके से भारी मात्रा में रैपर, खाली बैग और सीमेंट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें भी जब्त की गई हैं।

जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में जमे हुए सीमेंट को पीसकर दोबारा पैक किया जाता था और उसे नामी कंपनियों के ब्रांडेड रैपर में भरकर बाजार में भेजा जाता था।

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कई कंपनियों के नाम का इस्तेमाल

छापेमारी में UltraTech Cement, ACC Limited, Nuvoco Vistas Corporation, Shree Cement और बांगर सीमेंट के नाम वाले बैग और रैपर बरामद किए गए हैं।

इसके अलावा पिसाई मशीन, पैकिंग मशीन और सिलाई मशीन भी जब्त की गई है। पुलिस ने तैयार सीमेंट से लदे दो ट्रकों को भी कब्जे में लिया है, जिन्हें कहीं भेजने की तैयारी थी।

चार वर्षों से चल रही थी फैक्ट्री

पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री के संचालक की पहचान पियर थाना क्षेत्र के सिमरा गांव निवासी कमलेश सहनी के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह फैक्ट्री करीब चार वर्षों से संचालित हो रही थी।

ग्रामीणों ने बताया कि संचालक खुद को बड़ी कंपनियों का ठेकेदार बताता था। आशंका जताई जा रही है कि नकली सीमेंट का इस्तेमाल ग्रामीण विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों में किया जा रहा था।

बड़े संरक्षण की आशंका

स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि बिना किसी बड़े संरक्षण के इतने लंबे समय तक इस तरह की फैक्ट्री का संचालन संभव नहीं हो सकता। मामले को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

कंपनियों से संपर्क कर रही पुलिस

थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर नकली सीमेंट फैक्ट्री का खुलासा किया गया है। उन्होंने कहा कि बरामद सीमेंट से संबंधित कंपनियों के अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

पुलिस फरार संचालकों और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।