सीतामढ़ी, जागरण संवाददाता। Bihar Crime: जिले के रीगा थाना क्षेत्र अंतर्गत रीगा द्वितीय पंचायत के पिपरा गांव वार्ड-3 में गुरुवार देर रात पिता-पुत्र की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। पिछले दिनों रीगा में महावीरी झंडा के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। जिसके बाद ये वारदात सामने आई है। नारायणदास (50 वर्ष) व शिवम कुमार (16 वर्ष) अपने घर में सोए हुए थे। नारायणदास की पुत्री छेमा कुमारी को भी जख्मी कर दिया। दोनों को बड़ी बेरहमी से मारा गया है। उनके शरीर पर चाकू के कई निशान पाए गए हैं।

एसडीपीओ सदर सुबोध कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर सुभाष प्रसाद, थानाध्यक्ष राम इकबाल प्रसाद, अवर निरीक्षक अनिल कुमार व सुभाष कुमार समेत पुलिस बल पहुंचा। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, रीगा में महावीरी झंडा के दौरान पिता-पुत्र से गाली-गलौज एवं मारपीट हुई थी। गांव में बकरे को पीटने से रोके जाने को लेकर विवाद हुआ था। 

अधिकारियों की उदासीनता से नहीं सुलझ रहा विवाद, किसान व व्यवसायी परेशान

गौनाहा/सहोदरा (पश्चिम चंपारण) : नेपालियों द्वारा पंडई नदी से निकले नाले को बंद करने और विवाद के समाधान के लिए आगे नहीं आने आक्रोशित किसान तीसरे दिन भी सीमा पर डटे रहे। नेपाली नागरिकों को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया गया। आवाजाही बंद किए जाने की सूचना के बाद बुधवार को किसी नेपाली ने भारतीय सीमा में प्रवेश का प्रयास भी नहीं किया।

भारतीय क्षेत्र से ठोरी जाने के लिए पहुंचे करीब एक दर्जन लोगों को किसानों ने वापस लौटा दिया। इधर, किसानों के आंदोलन से सीमावर्ती बाजार में सन्नाटा है। दोनों तरफ करीब 125 स्थायी दुकानें हैं। भिखनाठोरी में बुधवार को दुकानें तो खुलीं, मगर ग्राहक नहीं पहुंचे। करीब डेढ़ लाख का कारोबार प्रभावित हुआ। यहां के व्यवसायियों की चिंता अब गुरुवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार को लेकर है। उनका कहना है कि बुधवार को भी कोई बात नहीं बनी। गुरुवार को स्थिति सामान्य होने की उम्मीद नहीं है। इसमें नेपाली महिलाएं खरीदारी करने पहुंचती हैं। नमक से लेकर किराना सामान, रेडीमेड कपड़े, दवा आदि के लिए सीमावर्ती ठोरी, रामनगर, बुद्धनगर तक के ग्राहक पहुंचते है। पांच से छह लाख तक का कारोबार होता है। किसानों का कहना है कि आंदोलन लंबा चल सकता है। बार्डर पर जब आवाजाही शुरू होगी, तब दुकानें खुलेंगी। इस आशंका के बीच बुधवार को बाहरी दुकानदार अपनी-अपनी दुकानें बंद कर निकल गए। ।

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किसानों का आरोप, पल्ला झाड़ रहे अधिकारी

भवानीपुर, खैरटिया, एकवा और परसौनी के किसान समूह बनाकर विभिन्न रास्तों पर निगरानी कर रहे हैं। किसान मदन यादव, अरविंद महतो का कहना है कि प्रशासनिक उदासीनता से नाले का विवाद अब तक नहीं सुलझा है। अंतरराष्ट्रीय मामला बताकर अधिकारी पल्ला झाड़ दे रहे हैं।

नाले का विवाद करीब दो माह से चल रहा, प्रशासनिक स्तर पर पहल की जाती तो इसका समाधान निकल गया होता। जिला पार्षद शैलेंद्र गढ़वाल ने बताया कि हमलोग तीन बार नेपाली जनप्रतिनिधियों से मिले, लेकिन वे टालमटोल करते रहे। धमौरा मुखिया राम बिहारी महतो ने कहा कि जब तक किसानों को पानी नहीं मिल जाएगा, तब तक नेपाली नागरिकों को भारतीय सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

एसडीएम धनंजय कुमार ने बताया कि बार्डर पर शांति बनाए रखने के लिए बीडीओ और पुलिस को तैनात किया गया है। मामले में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है।

Edited By: Ajit Kumar