मुजफ्फरपुर के पशुपालकों को बड़ी सौगात, भगवानपुर अस्पताल में मिलेगी एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा
Animal X Ray Ultrasound: मुजफ्फरपुर के पशुपालकों को भगवानपुर स्थित प्रांतीय पशु अस्पताल में जल्द ही आधुनिक एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड ...और पढ़ें

अब पशुओं की गंभीर चोटों और आंतरिक बीमारियों की पहचान संभव हो सकेगी। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Veterinary Hospital: मुजफ्फरपुर के पशुपालकों को जल्द ही आधुनिक पशु चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलने लगेगा। भगवानपुर स्थित प्रांतीय पशु अस्पताल में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर का निर्माण कराया जा रहा है।
इसके साथ ही अस्पताल में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी उन्नत जांच सुविधाएं शुरू की जाएंगी, जिससे पशुओं की गंभीर चोटों और आंतरिक बीमारियों की सटीक पहचान और बेहतर उपचार संभव हो सकेगा।
यह सुविधा राज्य सरकार की सात निश्चय-2 योजना के तहत विकसित की जा रही है, जिससे जिले में पशु चिकित्सा सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।
जटिल बीमारियों की सटीक पहचान
जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. मनोज मेहता ने बताया कि प्रांतीय पशु अस्पताल सहित जिले के सभी पशु चिकित्सालयों में फिलहाल ओपीडी सेवाओं के साथ घायल एवं बीमार पशुओं का उपचार किया जा रहा है। जल्द ही अस्पतालों में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनें स्थापित कर उन्हें चालू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आधुनिक जांच सुविधाओं के अभाव में अब तक कई मामलों में चिकित्सकों को केवल लक्षणों और अनुभव के आधार पर इलाज करना पड़ता था।
इससे कई बार आंतरिक बीमारी का समय पर पता नहीं चल पाता था और पशुओं की हालत गंभीर हो जाती थी। नई तकनीक से इस समस्या का समाधान होगा।
फ्रैक्चर और गर्भ संबंधी जांच
अल्ट्रासाउंड मशीन के माध्यम से पशुओं के गर्भ, पेट और अन्य आंतरिक अंगों से जुड़ी बीमारियों की सटीक जांच की जा सकेगी।
वहीं एक्स-रे मशीन से हड्डी टूटने, फ्रैक्चर, छाती की चोट और सड़क दुर्घटनाओं में घायल पशुओं की स्थिति का सही आकलन किया जा सकेगा।
इससे गाय, भैंस, कुत्ता, बिल्ली समेत अन्य पशुओं में गंभीर चोट और अंदरूनी रोगों का समय रहते पता लग सकेगा, जिससे उपचार अधिक प्रभावी होगा।
30.57 लाख की अल्ट्रासाउंड मशीन
विभागीय जानकारी के अनुसार अस्पताल में स्थापित की जाने वाली अल्ट्रासाउंड मशीन की अनुमानित लागत 30.57 लाख रुपये है।
अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक जांच सुविधाएं शुरू होने के बाद पशुपालकों को निजी संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और जिले में ही बेहतर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
दुर्घटनाग्रस्त पशुओं की जान बचेगी
डॉ. मनोज मेहता ने बताया कि विशेष रूप से सड़क दुर्घटनाओं में घायल पशुओं के मामलों में फ्रैक्चर और अंदरूनी चोटों की पहचान अब तेजी और सटीकता से हो सकेगी। समय पर सही उपचार मिलने से पशुओं की जान बचाने की संभावना भी काफी बढ़ जाएगी।
