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सीतामढ़ी के बेलसंड विधायक अमित रानू को पटना हाईकोर्ट से राहत, पुलिस कार्रवाई पर रोक

Published: Fri, 11 Sep 2026 11:09 PM (IST)

बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू को पटना उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है, जहां एक प्राथमिकी को रद्द कराने ...और पढ़ें

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HighLights

  1. पटना हाईकोर्ट ने बेलसंड विधायक अमित रानू को अंतरिम राहत प्रदान की।

  2. अदालत ने 17 सितंबर तक पुलिस की कठोर कार्रवाई पर रोक लगाई।

  3. यह मामला अहियापुर थाना क्षेत्र के एक जमीन विवाद से जुड़ा है।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Belsand Mla Amit Kumar Ranu: सीतामढ़ी जिले के बेलसंड से विधायक अमित कुमार उर्फ अमित कुमार रानू को पटना उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है।

दर्ज एक प्राथमिकी को रद्द कराने के लिए विधायक द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत दी है।

न्यायमूर्ति अरुण कुमार झा की एकल पीठ ने मामले में 17 सितंबर तक पुलिस कार्रवाई पर रोक लगा दी है।

रंगदारी और मारपीट का आरोप

अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई की तिथि 17 सितंबर तक विधायक के खिलाफ कोई कठोर कदम (नो कोर्सिव स्टेप) न उठाया जाए।

यह पूरा विवाद अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां-उदनडीह स्थित एक जमीन से जुड़ा है। औराई थाना क्षेत्र के बेनीपुर निवासी प्रहलाद कुमार ने इस संबंध में अहियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

बाउंड्री और मकान तोड़ने की घटना

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि बीते 20 अगस्त को लोजपा (रामविलास) के प्रदेश महासचिव का बोर्ड लगी गाड़ी, जेसीबी और अन्य वाहनों से आए करीब 50 लोगों ने बाउंड्री और पास के मकान को तोड़ दिया था।

विरोध करने पर मारपीट, मोबाइल तोड़ने, गले से सोने की चेन छीनने और रंगदारी मांगने का आरोप भी लगाया गया था।

हाईकोर्ट में क्वैशिंग याचिका

इसी प्राथमिकी को रद्द कराने (क्वैशिंग) के लिए विधायक अमित कुमार रानू ने पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

सुनवाई के दौरान विधायक के अधिवक्ता श्यामेश्वर कुमार सिंह ने अदालत से किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की गुहार लगाई। जिसके बाद अदालत ने अंतरिम राहत का आदेश जारी किया।

अग्रिम जमानत का निर्देश

इसके साथ ही हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि यदि उन्हें गिरफ्तारी की आशंका है, तो वे एक सप्ताह के भीतर निचली अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर सकते हैं। तब तक के लिए मामले में दंडात्मक पुलिस कार्रवाई पर अंतरिम रोक बरकरार रहेगी।