मुजफ्फरपुर : नगर थाना क्षेत्र के बालूघाट मोहल्ला में शराब के धंधेबाज राकेश कुमार की हत्या के मामले में संग्रहित साक्ष्यों को फोरेंसिंक साइंस लेबोरेट्री (एफएसएल) से जांच के लिए भेजा गया है। घटनास्थल से इन साक्ष्यों के नमूने को एफएसएल की टीम व पुलिस ने संग्रहित किया था। साक्ष्यों में घटनास्थल से बरामद खून लगा लोहे की हथौड़ी, खून धब्बा लगा चाकू, टूटा ताला, फिनाइल, नमक, प्लास्टिक के ड्र्रम का अवशेष, दीवार पर लगे खून के छींटे का अंश व अन्य साक्ष्य शामिल है। पिछले दिनों सीजेएम कोर्ट से इसकी एफएसएल जांच की अनुमति मिली थी। कांड के आइओ सिकंदरपुर ओपी प्रभारी हरेंद्र कुमार ने साक्ष्यों को नगर डीएसपी के समक्ष प्रस्तुत किया और इसके बाद गन्नीपुर स्थित एफएसएल कार्यालय में जाकर इसे सौंपा।

यह हुई थी घटना : बालूघाट मोहल्ला में सुनील कुमार शर्मा के किराये के मकान में रह रहे सुभाष शर्मा ने शराब के धंधे में पार्टनर राकेश कुमार की हत्या कर दी थी। उसके शव को टुकड़े-टुकड़े कर ड्राम में रखकर केमिकल से गलाने का प्रयास किया। इसी क्रम में 18 सितंबर की रात ड्राम में विस्फोट हुआ, तब मामला सामने आया। राकेश के भाई दिनेश सहनी के बयान पर सुभाष शर्मा ,राकेश की बीवी राधा देवी, उसकी साली कृष्णा देवी व साढू विकास कुमार को आरोपित बनाया था। पुलिस सुभाष को गिरफ्तार कर लिया। सुभाष ने पुलिस के समक्ष स्वीकारोक्ति बयान में अकेले हत्या करने की बात स्वीकार की। इस बयान के बाद हिरासत में ली गई राकेश की पत्‍‌नी को पीआर बांड पर रिहा कर दिया। हालांकि उसके खिलाफ जारी रखी। आइओ ने बताया कि राधा व अन्य दो आरोपितों के खिलाफ अब तक पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिल पाया है। वरीय अधिकारियों की पर्यवेक्षण रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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