मुजफ्फरपुर, जेएनएन। सोनपुर रेल मंडल में कर्मियों की पदस्थापना में एक बड़ा खेल सामने आया है। सालभर पूर्व समस्तीपुर रेलमार्ग के सिहो स्टेशन के लिए ट्राफिक पोर्टर के पद पर एक युवक का चयन किया गया। लेकिन उसने अपने पद पर योगदान नहीं दिया। बावजूद रेलवे की हाजिरी बही में उसका नाम दर्ज कर लिया गया। करीब सालभर से प्रतिमाह उसकी हाजिरी भी बनती रही।

 छोटे स्टेशन पर बही के अनुसार मास्टर रोल तैयार किया जाता है। इसमें भी उसका नाम अंकित कर दिया गया। इतना ही नहीं, परिचालन व कार्मिक विभाग से संबंधित अधिकारी ने भौतिक सत्यापन किए बिना उसका अन्यत्र स्थानांतरण भी कर दिया। इसकी जानकारी होने पर पूमरे के डीआरएम अतुल्य सिन्हा ने कहा कि मामला गंभीर है। इसकी जांच कर दोषी लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 बताया गया कि साल भर पहले रेलवे में एक युवक की ट्राफिक पोर्टर के पद पर बहाली हुई थी। उसे समस्तीपुर रेलमार्ग के सिहो स्टेशन पर योगदान देना था। लेकिन उसने योगदान नहीं दिया। बावजूद स्टेशन की हाजिरी बही में उसका नाम अंकित कर दिया गया।

 सभी स्टेशनों पर हाजिरी बही के अनुसार मास्टर रोल तैयार इसे प्रतिमाह 10 -11 तारीख को मंडल को भेजा जाता है। इससे पहले स्थानीय अधिकारी व यातायात निरीक्षक जांच कर हस्ताक्षर करते हैं। उसके बाद सोनपुर मंडल के परिचालन व कार्मिक विभाग को भेजा जाता है। दोनों विभाग के अधिकारी व क्लर्क जांच में गड़बड़ी नहीं पकड़ पाए और योगदान नहीं करने वाले को रेलकर्मी मानकर उसका स्थानांतरण कर दिया।

 संबंधित विभाग के अधिकारी ने कहा कि अभी उनके सामने इस तरह का मामला नहीं आया है। यह बड़ी गड़बड़ी है। जो कर्मी नौकरी के लिए योगदान नहीं दिया उसका मास्टर रोल में नाम अंकित हो रहा है और तबादला भी कर दिया गया है। इसकी जांच करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

सोनपुर पूमरे डीआरएम अतुल्य सिन्हा ने कहा कि मामला गंभीर है। इसकी जांच कर इसके लिए दोषी कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Ajit Kumar

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