मुजफ्फरपुर में अतिक्रमण हटाने गई टीम पर हमला, JCB के टायर की हवा निकाली, पुलिस ने संभाला मोर्चा
मुजफ्फरपुर के माड़ीपुर में अतिक्रमण हटाने गई नगर निगम की टीम पर अतिक्रमणकारियों ने हमला कर दिया। उन्होंने जेसीबी मशीन के टायर की हवा निकाल दी और पथराव किया। सूचना मिलने पर एसडीओ पूर्वी और डीएसपी भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे।
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जेसीबी के टायर की निकाली गई हवा व महिला पुलिस के साथ झड़प करती स्थानीय महिलाएं। (जागरण)
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। मात्र तीन महिला पुलिस बल के साथ माड़ीपुर रोड पर अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम पर शनिवार को अतिक्रमणकारियों ने हमला बोल दिया।
अभियान दल में शामिल जेसीबी मशीन के चक्कों की हवा निकाल दी। चालक के साथ धक्का-मुक्की की। पथराव कर जेसीबी का शीशा तोड़ दिया। इससे वहां अफरातफरी मच गई। हमले के बाद चालक व निगमकर्मी वहां से भाग निकले और मोबाइल पर अधिकारियों को सूचना दी।
इस पर भारी पुलिस बल के साथ एसडीओ पूर्वी तुषार कुमार व टाउन डीएसपी सुरेश कुमार पहुंचे। काजी मोहम्मदपुर थाना पुलिस के साथ यातायात डीएसपी भी वहां पहुंच गए। उनके आने से पहले हंगामा करने वाले भाग निकले। अधिकारियों के पहुंचने के बाद जेसीबी मशीन का टायर खोलकर दूसरी की मदद से हवा भरवाकर लाया गया।
इससे एक घंटे तक अभियान रुका रहा। बाद में फिर से अभियान शुरू किया गया और पावर हाउस चौक तक सड़क के दोनों तरफ बने कई अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। घटना के बाद प्रशासन के कड़े तेवर देख फुटपाथी दुकानदारों ने दुकानें समेट लीं।
नगर निगम के अभियान प्रभारी मनोज कुमार ने बताया जैसे ही माड़ीपुर चौक से आगे सड़क किनारे बनी अवैध झोपड़ियों को हटाने के लिए कहा गया, दर्जनों की संख्या में लोगों ने हमला बोल दिया। सड़क किनारे बनी अवैध झोपड़ियों से वहां हर दिन जाम की समस्या रहती है। इसलिए उनको हटाने को कहा गया था।
अभियान में शामिल महिला पुलिस बल हंगामा करने वालों को रोक नहीं सकी। विरोध के कारण उनको भी पीछे हटना पड़ा। एसडीओ पूर्वी ने कहा सरकारी काम में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उनकी पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बार-बार हमले से निगम का धावा दल भयभीत
अतिक्रमण हटाने के दौरान बार-बार हमला होने से नगर निगम के कर्मचारी भयभीत हैं। इससे पहले उनको कंपनीबाग में विरोध का सामना करना पड़ा था, तब विरोध करने वालों ने निगम के वाहन को क्षतिग्रस्त कर चालक के साथ मारपीट की थी।
इसी प्रकार छाता बाजार व मोतीझील पुल के नीचे भी अतिक्रमण हटाने के दौरान निगम की टीम पर हमला हुआ था। पुलिस बल की कमी के कारण अभियान दल को हर बार जान बचाकर भागना पड़ा। इसलिए अब निगम कर्मचारी बिना पर्याप्त पुलिस बल के अभियान चलाने से डर रहे हैं।

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