मुजफ्फरपुर, जेएनएन। जिले में बाढ़ की तबाही के बीच प्रशासनिक स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है। इसी बीच जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ पीडि़तों के बैंक खाते में बाढ़ राहत मद की छह-छह हजार रुपये के भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत जिले के कुल 3 लाख 64 हजार 659 बाढ़ पीडि़त परिवारों में से 1 लाख 45 हजार 79 परिवारों के बैंक खाते में 88 करोड़ 33 लाख रुपये हस्तांतरित किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा संपूर्ति पोर्टल पर इंट्री करा डेटा विभाग को भेज दिया गया है। जबकि, शेष 2 लाख 19 हजार 580 परिवारों को भी उक्त राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।

 डीपीआरओ कमल सिंह ने बताया कि शेष पीडि़त परिवारों के बैंक खाते में राहत मद की राशि का भुगतान दस अगस्त तक कर दिया जाएगा। बताया कि जिले में अत्यधिक बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई। जून में सामान्य वर्षापात 164.1 मिमी के विरूद्ध 310.8 मिमी और जुलाई में 304.8 मिमी के विरुद्ध 583.2 मिमी बारिश हुई। यह वर्ष 2007 और 2017 में हुई अतिवृष्टि से भी अधिक है। इसके अलावा बूढ़ी गंडक नदी वर्ष 1987 के अधिकतम जलस्तर के रिकार्ड को तोड़ गई। लिहाजा बाढ़ से स्थिति गंभीर हुई है। डीपीआरओ ने बताया कि डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह  के नेतृत्व में अधिकारियों, अभियंताओं और एनडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी है।

 जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। किसी भी स्थिति से दो-दो हाथ करने को तैयार है। हालांकि, आम जनता को भी अलर्ट रहना होगा। वजह नदियों का जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी। डीपीआरओ ने बताया कि वर्तमान में जिले की 14 प्रखंडों की 235 पंचायतों की 2283 वार्डों की 13 लाख 92 हजार 199 की आबादी बाढ़ की गिरफ्त में है। इनमें 3.64,659 परिवार शामिल है। 138 पंचायत पूर्ण रूप से और 97 पंचायत आंशिक रुप से बाढ़ प्रभावित है। जिले के 1240 गांव बाढ़ के पानी से घिरे है। पीडि़तों के लिए 324 सामुदायिक किचन की व्यवस्था की गई है।

 इसके अलावा आपदा राहत केंद्र का संचालन किया जा रहा है। जहां 1592269 लोगों को भोजन दिया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में 16, मोटरबोट व 275 नाव का परिचालन कराया जा रहा है। अबतक 52341 लोगों के बीच पालिथीन सीट और 37251 लोगों के बीच सूखा राशन पैकेट वितरित किया गया है। 38 मेडिकल शिविर में 4245 व 25 मोबाइल मेडिकल टीम ने 1975 मरीजों का इलाज किया है। पशुओं के लिए 12 भ्रमणशील पशु चिकित्सा टीम काम कर रही है।

 कुल 51860 पशु बाढ़ से प्रभवित हुए है। इनमें 12 की मौत हुई है। जबकि 12387 पशुओं का अबतक इलाज किया गया है। पशुओं के लिए 355.2 क्विंटल पशुचारा का वितरण किया गया है। 9001 हैलोजन टेबलेट और 946 किलो ब्लिचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया है। 7807 ओरआरएस पैकेट का वितरण किया गया है। 11232 पशुओं को कृमिनाशक दवा उपलब्ध कराई गई है। डीपीआरओ ने बताया कि बाढ़ के पानी में डूबकर छह लोगों की मौत हुई है। 

 

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