मुजफ्फरपुर। जिले के पांच चर्चित डॉक्टरों से ठाकुर के नाम पर साहेबगंज के शातिर अंकुर सिंह ने गया जेल से रंगदारी मांगी है। करजा थाना की पुलिस की जांच में मामले पर से पर्दा हटा है। करजा थाना क्षेत्र के एक डॉक्टर से भी रंगदारी मांगी गई थी। डर से उक्त डॉक्टर ने दस हजार रुपये बताए गए बैंक खाता में ट्रांसफर भी कर दिया था। इसी को आधार बना कर पुलिस मामले की तह तक पहुंची। जेल में बंद बबलू के भाई का है बैंक खाता : अंकुर सिंह के साथ गया जेल में काको थाना के अमथुआ निवासी बबलू सिंह भी दहेज हत्या के आरोप में बंद है। अंकुर ने बबलू से रंगदारी की राशि मंगवाने के लिए बैंक खाता मांगा था। बबलू ने अपने भाई चिटू कुमार के नाम का बैंक खाता उसे दिया था। चिटू छात्र है और पीएनबी बैंक में उसका खाता है। डॉक्टरों को रंगदारी के रुपये इसी खाते पर देने के लिए अंकुर ने ही फोन किया था। अंकुर ने जिस मोबाइल नंबर से रंगदारी मांगी थी ,वह सिम गया के 80 वर्षीय बुजुर्ग कमाल खान के नाम पर 25 जून को गया के सानिया इलेक्ट्रॉनिक नामक दुकान से लिया गया। पांचों डॉक्टरों से एक ही मोबाइल नंबर से वाट्सएप कॉल कर रंगदारी की डिमांड की गई थी। ब्रह्मपुरा थाना में तीन, सदर व करजा थाने में एक-एक डॉक्टर ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एसएसपी जयंतकांत ने बताया कि रंगदारी मामले के आरोपित गया जेल में बंद अंकुर सिंह, बबलू कुमार और चिटू को रिमांड पर लिया जाएगा। ब्रह्मपुरा, सदर और करजा थानाध्यक्ष को इस संबंध में निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि करजा के डॉक्टर से बैंक खाते में रुपये डलवाने के कारण मामले में तह तक पहुंचा गया है। हालांकि डॉक्टरों का नंबर किसने उपलब्ध कराया, उसकी पहचान की जा रही है।

यह है मामला : 27 अक्टूबर की सुबह 10:30 बजे वाट्सएप कॉल डॉ. चंदन से दो लाख 28 अक्टूबर की सुबह डॉ. प्रणव को रंगदारी का कॉल आया उसी दिन डॉ. सीबी कुमार से 50 लाख रंगदारी मांगी गई थी। 29 अक्टूबर को मझौलिया निवासी पैथोलॉजिस्ट कुमार ललित को रंगदारी की मांग वाला कॉल आया था। करजा के डॉ. आसिफ सिद्धकी से रंगदारी में 10 हजार रुपये पीएनबी के बैंक खाते में रंगदारी की राशि मंगाई गई थी।

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