मुजफ्फरपुर, [प्रेम शंकर मिश्रा]। मनरेगा से पशु शेड निर्माण के नाम पर घपला संबंधित विभाग के पदाधिकारी को भले ही नजर नहीं आ रहा, लेकिन दैनिक जागरण की पड़ताल में सब आईने की तरह साफ हो गया है। नक्सल प्रभावित प्रखंड मीनापुर की ्रबेलाही लच्छी पंचायत व गांव में सबसे अधिक पशु शेड का निर्माण किया गया है। योजना की डेढ़ से पौने दो लाख रुपये में बमुश्किल 25 हजार का भी काम नहीं हुआ है। दीवार की जगह पाइप के सहारे ही शेड बना दिया गया है। कई जगह तो शेड भी नहीं है। आश्चर्य है कि भौतिक सत्यापन कर योजना को पूर्ण दिखाते हुए राशि की निकासी कर ली गई। पूरा खेल मनरेगा पदाधिकारी, मुखिया और स्थानीय संवेदक की मिलीभगत से हुआ है। 

नाम बताने से इन्कार

मीनापुर प्रखंड के सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र के बेलाही लच्छी में तीन परिवार ऐसे मिले, जिनके यहां पशु शेड का निर्माण किया गया है। हीया लाल राय के यहां पशु शेड के नामपर बस छह खाने का नाद बना दिया गया है। पूछने पर हीया लाल की पत्नी ने कुछ भी बताने से इन्कार किया। पास में ही प्रताप ठाकुर के घर बने पशु शेड में कहीं दीवार नहीं दिखी। जानवर भी नदारद। इसकी जगह चौकी और दूसरी चीजें मिलीं। उनके पुत्र ने बताया कि पहले तो शेड भी नहीं था। मीडिया में खबर आने पर कुछ दिन पहले ठीकेदार इसे टांग गया। बगल में ही जोगिंदर ठाकुर के यहां बने छह नाद वाले पशु शेड को पुरानी दीवार पर ही खड़ा कर दिया गया है। इसमें पशु चारा की जगह बालू रखा गया है। ऐसा इसलिए कि इनके यहां इतने पशु ही नहीं।

पीला की जगह उजला बालू से बना दिया नाद

साउंड सर्विस चलाने वाले इंदल राय के यहां भी छह नाद का शेड बना है। दीवार कहीं नहीं। यहां भी पाइप के सहारे शेड खड़ा कर दिया गया है। इस मामले में इंदल खुलकर बात करते हैं। कहते हैं, सर देख लीजिए। मेरे नाम पर योजना का पूरा पैसा निकाल लिया, मगर मिला क्या? 'पौने दू लाख रुपया निकाल लिया, 20 हजार भी खरचा नहीं किया। जो नाद बना उसमें उजला बालू डाल दिया। एक हथौड़ी मारिये सब चकनाचूर हो जाएगाÓ। गांव में सौ से अधिक शेड इसी तरह बनाए गए हैं।

पशु की जगह कार

इंदल राय के घर से थोड़ा आगे बढऩे पर बिना दीवार वाले पशु शेड के नीचे कार लगी मिली। छह नाद वाले शेड में बस एक में भैंस बंधी मिली। लोगों ने बताया, जहां मन आया इस तरह शेड बना दिया। उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी कि कितनी राशि में यह बन रहा। पैसा नहीं लगना था, इसलिए बनवा लिया।

शपथ ग्रहण के बाद मामला उठाएंगे नव निर्वाचित मुखिया

हाल में संपन्न हुए पंचायत चुनाव में रंधीर कुमार मुखिया निर्वाचित हुए हैं। वे कहते हैं, सबसे ज्यादा घोटाला बेलाही लच्छी पंचायत में हुआ है। शपथ ग्रहण के बाद इसकी जांच कराई जाएगी। पूर्व मुखिया मेघनी देवी और उनके पति की मिलीभगत से यह घोटाला हुआ है। मनरेगा के कार्यपालक अभियंता अबुजैर अहमद कहते हैं, जहां से भी गड़बड़ी की जानकारी मिल रही, जांच की जाएगी। योजना की राशि की वसूली के साथ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। 

Edited By: Ajit Kumar