दरभंगा, जासं। विद्यालय में शिक्षक विद्यार्थियाें का भविष्‍य तैयार करते है़। मगर जब वही लापरवाही का सिलसिला जारी रखें जो अभिवावक का चिंति‍त होना लाजमी है। दरभंगा में एक सरकारी स्‍कूल में भी हाल बेहाल हो चुका है। खराब व्‍यवस्‍था के खिलाफ लोग एकजुट हो गएं और विद्यालय की दशा बदलने के लिए आवाज उठाई। जिले के बेनीपुर प्रखंड स्थित पोहदी मध्य विद्यालय में फैली कुव्यवस्था के खिलाफ सोमवार को ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया। नाराज लोगों ने विद्यालय के प्रवेश द्वार पर तालाबंदी कर दी। लोगों का आरोप था कि विद्यालय में शिक्षक अपनी मनमानी कर रहे हैं। विद्यालय के संचालन में समय का ध्यान नहीं रखा जाता है। इस कारण से बच्चों का भविष्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।

वहीं सरकार की ओर से संचालित मध्याह्न भोजन समेत विभिन्न योजनाओं में भी शिक्षकों की मनमानी चलती है। इन सभी सवालों को लेकर ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच घटना की सूचना पर पहुंची प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी इंदू सिन्हा को भी लोगों ने घेरा और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। बीईओ लगातार लोगों को समझाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन लोग मानने के लिए तैयार नहीं हैं।

मेडिकल छात्रों के शोध के लिए वृद्धा ने कर दिया देहदान

दरभंगा : शहर के अल्लपटटी स्थित इंदिरा कालोनी निवासी स्व. शारदानंद पाठक की पत्नी गुंजेश्वरी देवी (83) की अंतिम इच्छा थी कि मृत्यु के बाद पार्थिव शरीर मेडिकल छात्र-छात्राओं के काम आए। इस बात से परिवार को भी अवगत करा दिया था। पुत्र चंद्रभूषण पाठक ने रविवार को मां के निधन के बाद दरभंगा मेडिकल कालेज के एनाटोमी विभाग को उनका शरीर दान कर दिया। दधीचि देहदान समिति की पहल पर देहदान की प्रक्रिया पूरी हुई। जिले में देहदान का यह दूसरा मामला है। पुत्र ने बताया कि मां की यही अंतिम इच्छा थी देह के अलावा अंगों का भी दान किया जाए। ताकि बीमार लोगों की ङ्क्षजदगी बचाने में मदद हो। मगर अंगदान की व्यवस्था नहीं होने के यह इच्छा अधूरी रह गई। 16 साल पहले पति शारदानंद पाठक का निधन हो गया था। दधीचि देहदान समिति के मुख्य सरंक्षक व सांसद सुशील कुमार मोदी और अध्यक्ष सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। इससे पहले 28 मार्च 2021 को रक्तवीर प्रणव ठाकुर की पहल पर उनकी धर्मपत्नी स्व. वसुधा झा का देहदान किया गया था। अबतक बिहार में आठ लोगों का देहदान किया गया है।

Edited By: Ajit Kumar