मुजफ्फरपुर, जासं। कोरोना इलाज के लिए सात निजी अस्पतालों ने सिविल सर्जन कार्यालय से संपर्क किया है । अस्पताल की सुविधा व जांच के लिए गठित समिति की अनुमति के बाद ही निजी अस्पताल इलाज कर पाएंंगे । सिविल सर्जन डा. विनय कुमार शर्मा ने बताया कि पिछली लहर में केवल आवेदन देने के साथ कई अस्पतालों ने कोरोना का इलाज शुरू कर दिया था। जब शिकायत मिलने लगी उसके बाद विभाग की टीम ने जांच की तो यह बात सामने आई कि उस अस्पताल में मानक के हिसाब से सुविधा नहीं है । केवल मरीज से मनमानी फीस की वसूली चल रही है । स्थिति खराब होने के बाद उसको एसकेएमसीएच के लिए रेफर किया जा रहा है। इसलिए इस बार पूरी सजगता बरती जा रही है । निजी अस्पताल की जांच के लिए टीम का गठन किया गया । स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित की गई टीम दो दिनों के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी प्रणव कुमार को सौंपेगी। इसके बाद उस जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम इलाज करने की अनुमति देंगे। इसके बाद ही निजी अस्पताल में कोरोना पाजिटिव मरीजों का इलाज होगा ।

बिना अनुमति वाले पर होगी प्राथमिकी

बिना अनुमति लिए इलाज करने वाले अस्पताल पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। जिला स्तर पर डा.हसीब असगर के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है । टीम जाकर अस्पताल की जांच करेगी। सीएस ने बताया कि अभी सात निजी अस्पताल की ओर से इलाज के लिए आवेदन आया है । इस बार मरीज मिल रहे सभी को होम आइशोलेेशन पर रखा गया है । लेकिन अगर उनकी हालत स्थिर नहीं रही तो अस्पताल मेें भर्ती कर इलाज कराया जाएगा। सरकारी स्तर पर सदर अस्पताल, एसकेएमसीएच तथा सभी पीएचसी स्तर पर इलाज व दवा की सुविधा है । निगरानी के लिए कंट्रोल रूम काम कर रहा है।  

Edited By: Ajit Kumar