मुजफ्फरपुर। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय से संबद्ध स्नातक (आनर्स) अंतिम वर्ष (सत्र 2013 - 16) के 80 हजार छात्र-छात्राओं का कॅरियर दांव पर है। मूल्यांकन पूरा होने के बावजूद परीक्षा परिणाम के प्रकाशन में महीनों लगने की आशंका है। यह स्थिति विवि के पास टेबुलेशन रजिस्टर (टीआर) और मा‌र्क्स फाइल नहीं होने के कारण उत्पन्न हुई है। हाल में विवि प्रशासन ने टीआर के लिए एक टेंडर भी किया था। जिसे तकनीकी कारणों से रद कर दिया गया। अब फिर से इसकी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। टीआर छपने के बाद ही परिणाम का प्रकाशन होगा। अभी दिल्ली विश्वविद्यालय समेत देश के अन्य प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में ये 80 हजार विद्यार्थी चाहकर भी इन प्रतिष्ठित संस्थानों में नामांकन नहीं ले सकते हैं।

सत्र दो साल विलंबित : बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के स्नातक आनर्स का सत्र दो साल विलंबित है। विवि के पास न केवल टीआर की कमी है वरन अंक पत्र भी उपलब्ध नहीं है। अभी इनकी छपाई होनी है।

छात्र-छात्राओं को परेशानी : अंतिम वर्ष की परीक्षा दे चुके अवनीश कुमार ने कहा कि जून माह बेहद महत्वपूर्ण है। मैं दिल्ली विवि से पीजी करना चाहता हूं। इसके लिए अंक पत्र जरूरी है। विवि के रवैए से ऐसा संभव नहीं दिख रहा। एलएस कॉलेज के छात्र पुष्कर कुमार ने कहा कि मैं रिजल्ट की अनिश्चितता के कारण आगे का कॅरियर तय नहीं कर पा रहा हूं। ऊधम पांडे कॉलेज, मोतिहारी की छात्रा स्नेहा देव ने कहा कि रिजल्ट में लेट होने पर पीजी में फिर यहीं एडमिशन लेने को विवश होना पड़ेगा। छात्र लोजपा के अध्यक्ष गोल्डेन सिंह ने कहा कि विवि प्रशासन को परीक्षा के साथ-साथ रिजल्ट देने की कार्ययोजना भी बना लेनी चाहिए थी। बीआरए बिहार विवि के प्रति कुलपति डॉ. आरके मंडल ने बताया कि टीआर नहीं होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इसके लिए दोबारा टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जल्द ही रिजल्ट का प्रकाशन होगा।

Posted By: Jagran

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