मुजफ्फरपुर, जेएनएन। अहियापुर में युवती को जिंदा जलाने की कोशिश के आरोपित को संरक्षण देने के मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष व राजा के पिता पर भी कानून का शिकंजा कसेगा। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष दिलमणि देवी ने रविवार को अहियापुर में युवती को जिंदा जलाने की कोशिश को लेकर दर्ज मामले की समीक्षा की। पीडि़त परिवार की ओर से शिकायत की गई थी कि युवती को परेशान करने के मामले को लेकर तत्कालीन थानाध्यक्ष ने बिना मुकदमा दर्ज किए वापस भेज दिया था। जब आरोपित के पिता से शिकायत की गई तो उसने भी मुंह बंद करने की धमकी दी थी। 

गलत काम को संरक्षण देनेवाला पिता भी दोषी

 इधर, जब पीडि़ता का इलाज एसकेएमसीएच में चल रहा था तो वहां पर भी आरोपितों की ओर से असामाजिक तत्वों ने धमकी देकर मुकदमा खत्म करने को कहा था। पीडि़त परिवार की शिकायत को गंभीरता से लेते हुुए अध्यक्ष ने नगर पुलिस अधीक्षक पीके मंडल से अविलंब एक्शन लेने को कहा। उन्होंने कहा कि पुत्र के गलत काम को संरक्षण देनेवाला पिता भी दोषी है। केस नहीं लेने वाला तत्कालीन थानेदार भी।

 दोनों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। अध्यक्ष ने सख्त निर्देश दिया कि अति शीघ्र जो धारा पहले नहीं लगी वे तमाम कानूनी धाराएं लगाते हुए चार्जशीट दायर होनी चाहिए तथा विशेष ट्रायल करा सजा होनी चाहिए। ताकि, पीडि़त परिवार को न्याय मिले। सारी जानकारी आयोग को भी मिलनी चाहिए। मामले में प्रगति की फिर से समीक्षा होगी। परिवार को हर स्तर पर सुरक्षा मिले, ताकि वे पुलिस को साक्ष्य उपलब्ध कराने व कोर्ट में बयान देने में डरे नहीं। मौके पर सिटी एसपी पीके मंडल व डीएसपी रामनरेश पासवान, प्रो. तारण राय, व अन्य पुलिस पदाधिकारी थे। 

उठी तत्कालीन थानाध्यक्ष को बर्खास्त करने की मांग 

इससे पहले महिला आयोग की अध्यक्ष जब राजकीय अतिथिशाला पहुंचीं तो भाजपा की वरीय नेत्री तारण राय, युवा भाजपा नेता शशिरंजन, अभिषेक कुमार, निलाभ कुमार, अफरोज मुखिया आदि ने स्वागत किया। भाजपा नेता शशिरंजन ने अहियापुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष को बर्खास्त करने की मांग उठाई। 

Posted By: Murari Kumar

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