मुजफ्फरपुर,जेएनएन। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के छात्रों की समस्याओं के निदान पर हुई प्रशासन एवं विवि पदाधिकारियों की बैठक के निर्णयों पर कार्रवाई ठंडे बस्ते में हैं। यहां तक कि बैठक की कार्यवाही भी गुम हो गई। किसी हॉस्टल के अधीक्षक तक इसकी रिपोर्ट नहीं पहुंची है। इसके कारण हॉस्टल अधीक्षकों के बीच भ्रम की स्थिति है कि बैठक की कार्रवाई के आलोक में उनको किन निर्देशों का पालन करना है। पिछले माह विवि में छात्र आंदोलन और समस्याओं पर जिलाधिकारी व एसडीओ पूर्वी ने बैठक की थी, जिसमें छात्रों की समस्याओं से जुड़े तमाम सवाल सामने ऐसे आए, जिनका विवि प्रशासन सटीक जवाब नहीं दे पाया।

मुख्य रूप से अवैध छात्रों को हटाने के मामले में प्रशासन का कहना है कि पहले पीजी में एडमिशन कर नये छात्रों को हॉस्टल में आवास उपलब्ध करा दें। इसके बाद जब वहां अवैध छात्रों की जानकारी मिलती है और उनके द्वारा किसी प्रकार की बाधा पैदा की जाती है तो उनको हटाया जाएगा। एक बड़ा मुद्दा छात्रों की तरफ से यह रखा गया कि साल भर से पीजी छात्रों को छात्रावासों में कमरा आवंटित नहीं किया गया। छात्रों के अनुरोध को भी टाला जाता रहा।

निर्णयों पर कार्रवाई हो रही : कुलसचिव

इसी प्रकार छात्रों की समस्याओं के निदान को भी लेकर निर्णय लिए गए थे। इस महत्वपूर्ण बैठक के एक माह से अधिक गुजर जाने के बावजूद विवि प्रशासन द्वारा कार्यवाही जारी नहीं की गई है।

हालांकि, कुलसचिव कर्नल अजय कुमार का कहना है कि निर्णयों पर कार्रवाई हो रही है। प्रॉक्टर व छात्र कल्याण परिषद के अध्यक्ष की बहाली हो गई है। छात्राओं के हॉस्टल आवंटन की सूची वेबसाइट पर अपलोड हो गई है। जहां तक बैठक की कार्यवाही की रिपोर्ट का सवाल है तो कुलपति कार्यालय में होने की उम्मीद है।  

Posted By: Ajit Kumar

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