पूर्वी चंपारण, जेएनएन। दाखिल-खारिज के मामले को लंबित रखना जिले के अंचलाधिकारियों और राजस्व कर्मियों के लिए भारी पड़ गया। इस मामले में भूमि सुधार उप समाहर्ता के प्रतिवेदन पर अपर समाहर्ता शशिशेखर चौधरी ने संबंधित सीओ और राजस्व कर्मियों पर 7.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई लोक सेवा अधिकार कानून के तहत की गई है। जुर्माना राशि मामलों के निष्पादन नहीं करने वाले सीओ, सीआइ व राजस्व कर्मचारियों से वसूली होगी। राशि जमा नहीं कराने पर संबंधित के वेतन से वसूली होगी। 

44929 आवेदन लंबित

20 सितंबर तक लोगों ने दाखिल खारिज के लिए जिले के विभिन्न अंचलों में 81280 आवेदन दिए थे। इसमें 36351 आवेदनों का निष्पादन किया गया। जबकि, 44929 लंबित रह गया। 21 दिनों से ऊपर 31082 मामले और 63 दिनों के ऊपर 6053 मामले लंबित हैं। औसत उपलब्धि 44.72 फीसद है।

पांच हजार तक जुर्माना का प्रावधान

लोक सेवा के अधिकार कानून के तहत सामान्य मामलों का निष्पादन 21 दिनों में करना है। जटिल मामले का समय बढ़ाया जा सकता है। लेकिन, 63 दिनों के अंदर हर हाल में हल करना है। अगर अस्वीकृत करने वाला है तो तय अवधि में अस्वीकृत होना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर लापरवाही मानते हुए दंड का प्रावधान है। यह दंड पांच सौ से पांच हजार रुपये तक किया जा सकता है।

प्रखंडवार अर्थ दंड एक नजर में

अरेराज : 5000

पहाड़पुर : 5000

हरसिद्धि : 5000

संग्रामपुर : 5000

चकिया : 138000

मेहसी : 37500

कल्याणपुर : 66000

केसरिया : 64000

बनकटवा : 94000

रक्सौल : 30000

रामगढ़वा : 22500

आदापुर : 18000

छौड़ादानो : 15000

पताही : 23000

तेतरिया : 48000

फेनहारा : 5000

पकड़ीदयाल : 69000

मधुबन : 84000 

Posted By: Ajit Kumar

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस