मधुबनी, जासं। कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या में प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है। इससे जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य महकमा की च‍िंता बढ़ गई है। पंचायत चुनाव के बीच देश के विभिन्न हिस्सों से ट्रेन से स्थानीय स्टेशन उतरने वाले यात्रियों में लगातार कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। 24 घंटों में मधुबनी रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों में से 65 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।

बता दें कि रविवार की देर शाम से सोमवार की सुबह तक रेलवे स्टेशन पर स्वतंत्रता सेनानी, पवन एक्सप्रेस, सरयू जमुना एक्सप्रेस तथा गंगासागर एक्सप्रेस से उतरने वाले यात्रियों की जांच की गई। इस दौरान स्वतंत्रता सेनानी से उतरने वाले 196 यात्रियों की जांच में 23 पॉजिटिव मामले सामने आए। वहीं, मुंबई से आने वाली पवन एक्सप्रेस के उतरने वाले कुल 124 यात्रियों की जांच में से 12 मामले पॉजिटिव पाए गए। जबकि, शहीद एक्सप्रेस, गंगासागर एक्सप्रेस से उतरने वाले 50 यात्रियों की जांच की गई। जिसमें एक भी पॉजिटिव मामले सामने नहीं आए। वहीं, सोमवार की शाम मधुबनी स्टेशन पहुंची स्वतंत्रता सेनानी से उतरने वाले यात्रियों में से 151 की जांच हुई जिसमें से 30 यात्री कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

मौके पर सदर एसडीओ अश्विनी कुमार मौजूद थे। बताया कि मंगलवार से रेलवे स्टेशन पर व्यवस्था और चाक-चौबंद की जाएगी, ताकि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले हर ट्रेन से उतरने वाले शत प्रतिशत यात्रियों की जांच सुनिश्चित हो सके। इधर, सोमवार को ही घोघरडीहा में भी एक कोरोना संक्रमित मिला है। इस तरह, जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 80 तक पहुंच गई है।

ट्रेन से उतरने वाले करीब 50 प्रतिशत यात्रियों की हो रही जांच

रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की जांच सुनिश्चित करने के लिए जांच काउंटर की संख्या बढ़ाकर एक से दो कर दी गई है। ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों के रजिस्ट्रेशन के लिए टेबल बढ़ा दी गई है। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर बैरिकेङ्क्षडग कर दी गई है। ताकि, खासकर देश के अन्य हिस्सों से आने वाली ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों की जांच सुनिश्चित की जाए। हालांकि, ट्रेन से उतरने वाले करीब 50 प्रतिशत यात्रियों की जांच हो रही है। मगर, शेष यात्री टीका लेने और जांच कराने की बात कहकर स्टेशन पर जांच कराने से कतरा रहे हैं। ऐसे यात्री स्टेशन पर बगैर जांच कराएं अपने गंतव्य स्थान की ओर निकल जाते हैं। वहीं, कोरोना के एक्टिव मामला में इजाफा को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर टीकाकरण के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है।

संक्रमितों पर आइडीएसपी, केयर इंडिया व डब्ल्यूएचओ रख रहा नजर

सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार झा ने बताया जिले में कोरोना के एक्टिव मामलों में इजाफा से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। टेङ्क्षस्टग ट्रेङ्क्षसग तथा ट्रीटमेंट पर जोर दिया जा रहा है। प्रतिदिन पांच से छह हजार लोगों का कोरोना जांच किया जा रहा है। वहीं, तीव्र गति से टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। टेङ्क्षस्टग के लिए अन्य राज्यों से आने वाली ट्रेनों के यात्रियों का रेलवे स्टेशन पर कोविड जांच की जा रही है। अन्य राज्यों से आने वाले सभी संक्रमितों का ट्रैङ्क्षकग किया जा रहा है।

गंभीर लक्षण पाए जाने वाले संक्रमित मरीजों को कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया जाएगा। ए ङ्क्षसप्टोमेटिक को होम आइसोलेशन में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी पीएचसी प्रभारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों के जांच के आदेश दिया है। संक्रमित पाए गए लोगों पर आइडीएसपी, केयर इंडिया व डब्ल्यूएचओ द्वारा नजर रखी जा रही है। ट्रेन से आने वाले यात्रियों में कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या डराने वाला है। इसके लिए अभी सतर्क रहना होगा। लोगों की सतर्कता से कोरोना की तीसरी लहर से बचा जा सकता है। लोगों को घर से बाहर निकलते ही मास्क लगाना चाहिए। शारीरिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी का पालन करना चाहिए। बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथों की धुलाई अवश्य करनी चाहिए। अब तक टीका से वंचित लोगों को टीका लेना चाहिए। अब तक टीका का एक डोज लेने वालों को दूसरा डोज लेना चाहिए।