सीतामढ़ी, जेएनएन। महिला चिकित्सक डॉ. डेजी जायसवाल के अपहरण में उनके ड्राइवर का ही हाथ था। घटना के बाद अपहृत महिला चिकित्सक का मोबाइल फोन इस्तेमालकर उनको रिहा करने के लिए 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। मगर, इससे पहले ही पुलिस की सूझबूझ और तत्परता के चलते अपराधी दबोच लिए गए और उनकी मंशा पर पानी फिर गया। महिला चिकित्सक की सकुशल बरामदगी के ऑपरेशन में सम्मिलित सभी पुलिस पदाधिकारी व कर्मियों को पुरस्कृत करने की पुलिस विभाग की ओर से घोषणा की गई है। हाल के कुछ वर्षों में किसी चिकित्सक का इस तरह से अपरण की घटना का यह अपनी तरह का अलग मामला है जिसमें ड्राइवर ने ही साजिश रची हो।

सीतामढ़ी से रीगा जाने के दौरान बुधवार को कार समेत डॉ. डेजी के अगवा होने की सूचना मिलते ही सनसनी फैल गई। एसपी ने बताया कि डॉ. डेजी के अपहरण की सूचना मिलते ही टेक्नीकल सेल को एक्टिव किया गया। जिससे तुरंत उनका लोकेशन पता चल गया। बेनीपट्टी थानान्तर्गत बसैठा से अपहृता को सकुशल बरामद किया गया। उनकी कार भी बरामद हो गई। मौके से गिरफ्तार अपराधकर्मी से पूछताछ के क्रम में ज्ञात हुआ  कि इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड उनका निजी वाहन चालक सिंटू कुमार है। उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। चालक सिंटू कुमार पिता रामबाबू राय एवं उसका सहयोगी धीरज कुमार पिता चुनचुन राउत दोनों एक ही गांव पोखरभिंडा थाना सहियारा के रहने वाले हैं।

अपहरण की गुत्थी सुलझा लेने का एसपी ने किया दावा

दाेनों की गिरफ्तारी के साथ ही एसपी ने इस अपहरण कांड की पूरी गुत्थी सुलझा लेने की बात कही है। उन्होंने बताया कि सीतामढ़ी से रीगा जाने के दौरान कार समेत डॉ. डेजी के अगवा होने की सूचना मिलते ही मधुबनी एसपी व दरभंगा एसएसपी को घेराबंदी के लिए सूचित किया गया। अपहृत चिकित्सक को बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के चानपुरा गांव से देरशाम बरामद कर लिया गया। दो अपराधी भी गिरफ्तार हुए। डॉ. डेजी की कार (केए05एमजे-6964) भी बरामद कर ली गई। एसपी अनिल कुमार ने गुरुवार को इस अपहरणकांड के बारे में मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तकनीकी सत्यापन से उस कार के मधुबनी जिला में होने की बात सामने आई। जिसपर कार्रवाई हेतु सहायक पुलिस अधीक्षक पुपरी, थानाध्यक्ष पुपरी एवं विशेष टीम को सीतामढ़ी से उदभेदन हेतु भेजा गया। साथ ही पुलिस अधीक्षक मधुबनी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक दरभंगा से भी सहयोग लिया गया।

 इस संबंध में पुलिस अधीक्षक मधुबनी के द्वारा गठित टीम जिसमें अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बेनीपटटी एवं थानाध्यक्ष बेनीपटटी के सहयोग से बेनीपट्टी थानांतर्गत बसैठा से अपहृता को सकुशल बरामद किया गया। मौके से गिरफ्तार अपराधकर्मी से पूछताछ के कक्रम में ज्ञात हुआ  कि इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड उनका निजी वाहन चालक सिंटू कुमार है। उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। बरामदगी के उपरांत उनसे एवं उनके पति पियूष राज से पूछताछ के क्रम में बताया गया कि घटना के बाद अपराधकर्मी अपहृता महिला चिकित्सक का मोबाइल फोन इस्तेमाल कर उनसे पहले 20 लाख रुपये फिरौती की मांग की थी।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021