मुजफ्फरपुर, जेएनएन। Muzaffarpur Water logging : पानी शहरवासियों का दम निकाल रहा है। बुधवार को अलसुबह हुई भारी बारिश से शहर फिर पानी-पानी हो गया। गली-मोहल्ले डूब गए और सड़क व नाला एक हो गए। जिन इलाकों से जमा पानी निकला गया था वहां फिर लग गया और लोग घरों में कैद हो गए हैं। सबसे बुरा हाल शहर के निचले इलाकों का है, जहां 22 दिनों से पानी लगा है। वह निकल भी नहीं पाया कि बारिश ने हालत और नारकीय बना दी। इन इलाकों में रहने वालों का जीना मुहाल हो गया है। एक माह से शहर को जलजमाव से मुक्त कराने के लिए जूझ रहे निगम को भी बुधवार को हुई बारिश ने बेदम कर दिया। पिछले एक सप्ताह में जिन इलाकों से निगम ने पानी निकाला था वहां फिर से हालत पहले जैसी हो गई। बारिश से मोतीझील, जवाहर लाल रोड, केदारनाथ रोड, आमगोला रोड, संजय सिनेमा रोड, क्लब रोड, मिठनपुरा रोड, चर्च रोड, स्टेशन रोड, अस्पताल रोड, गोला बांध रोड, बालूघाट, बीबीगंज फिर डूब गए।

खोले गए बंद चारों स्लूस गेट, मिलेगी राहत

बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर बढऩे से शहर के चारों स्लूस गेट बंद कर दिए गए थे, ताकि नदी का पानी शहर में प्रवेश नहीं कर सके। इससे बालूघाट, अखाड़ाघाट, चर्च रोड चंदवारा, लकड़ीढाई, सिकंदरपुर का निचला इलाका बारिश व नाली के पानी में डूबे थे। अब उनके लिए राहत की खबर है। नदी का जलस्तर कम होने से चारों स्लूस गेट खोल दिए गए हैं। इसके बाद आधा दर्जन मोहल्लों में 20 दिनों से जमा पानी तेजी से निकलने लगा है। हालांकि स्लूस गेट पर दिन-रात नजर रखी जाएगी, ताकि नदी का पानी बढऩे पर उसे बंद किया जा सके। फिलहाल, स्लूस गेट खुलने से आधा दर्जन मोहल्ले के लोगों ने राहत की सांस ली है।  

Edited By: Ajit Kumar