मुजफ्फरपुर, जेएनएन। एक जून को मुजफ्फरपुर से आनंद विहार जाने वाली सप्तक्रांति एक्सप्रेस के नाम पर चलने वाली स्पेशल ट्रेन की सभी एसी बोगियों से पर्दे हटवाए जाएंगे। वहीं, इससे सफर करने वाले यात्रियों को स्वयं चादर, कंबल, तकिया, तौलिया बेडरोल लेकर आना होगा। रेलवे की ओर से कोच के अंदर यात्रियों को बेडरोल नहीं दिया जाएगा। साथ ही उनको भोजन व नाश्ता भी साथ लाना होगा।

केवल पैक खाद्य पदार्थ की बिक्री होने की उम्मीद 

इस स्पेशल ट्रेन में पेंट्रीकार नहीं होने की उम्मीद है। यदि पेंट्रीकार लगेगी भी तो उसमें चूल्हा नहीं जलेगा। केवल पैक खाद्य पदार्थ की बिक्री होने की उम्मीद है। रास्ते में यात्रियों की डिमांड पर बेस किचन से भोजन के पैकेट पहुंचाने की तैयारी चल रही है।

कंफर्म टिकट वाले को ही प्रवेश

फिलहाल, अभी मुजफ्फरपुर जंक्शन पर बेस किचन की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है। इस ट्रेन में फस्र्ट, द्वितीय व तृतीय श्रेणी मिलाकर पांच एसी कोच, स्लीपर के दस व जनरल के चार कोच लगाए जाएंगे। जनरल कोच में भी शारीरिक दूरी के हिसाब से यात्रियों को बैठाने की योजना है। जनरल बोगी में भीड़ नहीं लगने दी जाएगी। इसके लिए जीआरपी व आरपीएफ जवानों की तैनाती रहेगी। वहीं स्टेशन पर कंफर्म टिकट वाले को ही प्रवेश दिया जाएगा। उसे सैनिटाइज करने की व्यवस्था की जा रही है। कोचिंग डिपो के अधिकारी ने कहा कि सफर करने वाले यात्रियों को रेलवे बोर्ड की गाइडलाइन मानना अनिवार्य है।  

 उनका कहना है कि कोरोना संक्रमण के बीच जीवन को शुरू करने की प्रक्रिया पूरे देश में चल रही है। रेलवे भी इसको अपना रहा है। रेल सेवाएं शुरू की जा रही हैं लेकिन, सुरक्षा से कोई भी समझौता किसी भी स्तर पर नहीं किया जा रहा है। यात्रियों को भी इसमें सहयोग करना चाहिए। आखिरकार ये सभी उपाय यात्रियों की सुरक्षा के लिए ही तो किए जा रहे हैं। 

Posted By: Ajit Kumar

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