मुजफ्फरपुर, जेएनएन। बेखौफ अपराधियों ने पुलिस को खुलेआम चुनौती देते हुए सिर्फ 44 घंटों में 34.81 लाख रुपये लूट लिए। अपराधियों के दुस्साहस के सामने पुलिस एक बार फिर से बौनी साबित हुई। रविवार की शाम भिखनपुरा स्थित कुरियर कंपनी से 5.31 लाख, सोमवार के मोतीपुर में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से 14 लाख और मंगलवार को सरैया में उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक की शाखा से 15.50 लाख रुपये की लूट हुई। ताबड़तोड़ वारदात से पुलिस की रणनीति और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी तरह पोल खोल कर रख दी। तमाम कोशिशों और अपराध नियंत्रण को लेकर बनाई जा रही रणनीति एक बार फिर से विफल साबित हुई। 

गश्त के नाम पर कहीं खानापुर्ति तो नहीं

लगातार घटनाओं के बाद सबसे बड़ा सवाल जो हर किसी की जुबां पर है कि कहीं गश्त लगाने के नाम पर पुलिस खानापुर्ति तो नहीं कर रही है। संबंधित क्षेत्र के पुलिस पदाधिकारी वरीय अधिकारियों की डांट से बचने के लिए तो सड़क पर खड़े नहीं रहते। क्योंकि अगर पुलिस सही में गश्त लगाएगी तो घटना के बाद अपराधियों का भागना मुश्किल हो जाएगा। लेकिन, जिले में ऐसे देखने को नहीं मिल रहा है। पुलिस पदाधिकारी गश्त लगाते तो दिखते हैं पर वे एक जगह सड़क पर वाहन लगाकर उसी में बैठे रहते हैं। अब भला ऐसे में कहां से अपराधी पकड़े जाएंगे और अपराध पर नियंत्रण होगा। 

एक भी घटना में नहीं मिली सफलता

तीन दिन में लूट की तीसरी वारदात। पर एक में भी सफलता नहीं। यह पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है। एक घटना का उद्भेदन तो हुआ नहीं। ताबड़तोड़ तीन वारदात का कैसे करेंगे। 

Posted By: Murari Kumar

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस