मुजफ्फरपुर : जिले में शनिवार को कोरोना से इलाज के क्रम में 14 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 240 नए संक्रमित पाए गए हैं। 347 मरीजों का निजी और सरकारी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीं, 412 संक्रमितों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया। जिले में 3184 संदिग्ध लोगों के नमूनों की कोरोना जांच कराई गई थी। अब तक कोरोना के 4688 मामले सक्रिय हैं। एसकेएमसीएच में सात, सदर अस्पताल में दो, प्रसाद अस्पताल में दो और मेडिका इमरजेंसी अस्पताल, अशोका व वैशाली कोविड केयर सेंटर में एक-एक मरीज ने दम तोड़ दिया।

कोरोना मरीज की मौत पर हंगामा, शव छोड़ भागे स्वजन

सदर अस्पताल के कोरोना कोविड केयर सेंटर पर एक मरीज की मौत पर स्वजनों ने हंगामा किया। आक्रोशित शव को छोड़कर चले गए। हंगामा कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि उनके मरीज को जबरन रेफर कर दिया गया था। उसके बाद इलाज में लापरवाही पर उसकी मौत हो गई।

कोविड केयर सेंटर के प्रभारी डॉ.नवीन कुमार ने बताया कि मरीज की हालत खराब होने से उसे रेफर किया गया था। स्वजन उसे ले जाने को तैयार नहीं हुए। इलाज चल रहा था। इसी क्रम में उसकी मौत हो गई। शव परिसर में रखा गया है। रविवार को शव स्वजन को दिया जाएगा। सदर अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह हंगामा कर रहे स्वजनों को शांत कराया।

कोरोना वार्ड से निकलते सिविल सर्जन हुए बीमार

सदर अस्पताल के एमसीएच भवन के कोरोना वार्ड में सीएम की वर्चुअल मीटिग से पहले संक्रमित मरीजों को देखने पहुंचे सिविल सर्जन वार्ड से निकलते ही बीमार हो गए। उनकी नाक में परेशानी होने लगी। अचानक उससे अत्यधिक पानी आने लगा। उनकी स्थिति देख वहां मौजूद चिकित्सक भी घबरा गए। आननफानन में चिकित्सकों ने उन्हें दवा दी। इसके बाद भी उनकी बेचैनी कम नहीं हो रही थी। उन्हें सदर अस्पताल से उनके आवास ले जाया गया। वहां करीब डेढ़ घंटे के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ। करीब ढाई घंटे तक सदर अस्पताल से चक्कर मैदान स्थित सिविल सर्जन के आवास तक अफरातफरी मची रहा। सिविल सर्जन ने बताया कि कोरोना वार्ड से आने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई। दो घंटे के बाद स्थिति में सुधार हुआ।