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बिहार में BPSC शिक्षकों पर कड़ा एक्शन, फर्जी आरक्षण लेने वाले 15 होंगे बर्खास्त

Published: Wed, 23 Sep 2026 11:54 PM (IST)

BPSC Teacher Dismissal: बिहार में फर्जी आरक्षण का लाभ लेने वाले 15 बीपीएससी शिक्षकों को बर्खास्त किया जाएगा। मुजफ्फरपुर जिले ...और पढ़ें

बर्खास्त होने वाले शिक्षकों में अधिकतर महिलाएं शामिल हैं।

बर्खास्त होने वाले शिक्षकों में अधिकतर महिलाएं शामिल हैं।

HighLights

  1. फर्जी आरक्षण लाभ लेने वाले 15 शिक्षक बर्खास्त होंगे।

  2. मुजफ्फरपुर में शिक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू की है।

  3. अन्य राज्यों के शिक्षकों ने गलत लाभ लिया था।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। BPSC Teacher Recruitment Fraud: बिहार लोक सेवा आयोग की टीआरई-1, टीआरई-2 एवं टीआरई-3 भर्ती परीक्षा में आरक्षित कोटे का गलत लाभ लेकर चयनित अन्य राज्यों के 15 शिक्षक बर्खास्त होंगे।

जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद शिक्षा विभाग ने बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बर्खास्त होने वाले शिक्षकों में अधिकतर महिलाएं शामिल हैं।

जांच में हुई पुष्टि

मुजफ्फरपुर जिले के सरैया, कुढ़नी, गायघाट और बंदरा प्रखंड के इन शिक्षकों से विभाग द्वारा जवाब मांगा गया था। शिक्षकों द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने के बाद विभाग ने कड़ी कार्रवाई का फैसला लिया है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा ने बताया कि सरैया के तीन, कुढ़नी के 11, गायघाट के एक और बंदरा के एक शिक्षक पर कार्रवाई चल रही है।

डीईओ की सख्त चेतावनी

जिले के अन्य प्रखंडों में भी फर्जी आरक्षण का लाभ लेने वाले शिक्षकों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके लिए सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को अंतिम स्मार पत्र जारी किया गया है।

डीईओ ने अंतिम पत्र के माध्यम से तीन दिनों के भीतर ऐसे शिक्षकों की सूची मांगी है।

तीन दिनों की मोहलत

इससे पहले विभाग ने 22 जून, 23 जून और 22 जुलाई को भी पत्र भेजकर शिक्षकों का विवरण मांगा था। अब तक केवल सरैया, कुढ़नी, बंदरा और आंशिक रूप से मोतीपुर प्रखंड से सूची प्राप्त हुई है। शेष प्रखंडों से रिपोर्ट न मिलने के कारण आगे की जांच लंबित पड़ी हुई है।

अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

डीईओ ने समय पर रिपोर्ट न भेजने को लेकर मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने सभी बीईओ को निर्धारित समय सीमा में सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

समय पर सूची न देने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।