मुजफ्फरपुर, जेएनएन। मौसम में बदलाव के साथ डेंगू का प्रकोप तेजी से बढऩे लगा है। इसके मरीज शहर से लेकर गांवों तक मिल रहे हैं। एसकेएमसीएच के ओपीडी में गुरुवार को डेंगू के दस संदिग्ध मरीज इलाज के लिए पहुंचे। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के वायरोलॉजी लैब मेंं जांच के पश्चात दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। पीडि़त मरीजों में नगर थाने के सिकंदरपुर निवासी रामचंद्र साह (70) एवं सिवाईपट्टी बेलाही लच्छी के ऋति कुमार (20) शामिल हैं।

 इसके साथ ही एसकेएमसीएच के दस्तावेज में डेंगू मरीजों की संख्या 61 पर पहुंच गई है। डेंगू मरीजों की संख्या में वृद्धि से आम लोग भयाक्रांत हैं। स्वास्थ्य महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है। मामूली बुखार होने के साथ ही लोग अस्पताल में पहुंच रहे हैं। डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. एसपी सिंह ने अलर्ट जारी किया है। पीएचसी प्रभारियों को गांवों में जागरूकता अभियान चलाने व डेंगू के मरीज मिलने पर उनकी जांच कराने को कहा गया है। जहां मरीज मिल रहे हैं उस इलाके में बचाव के लिए फॉगिंग कराने की हिदायत दी गई है।

जलजमाव से करें बचाव 

औषधि विभाग के डॉ. सतीश कुमार सिंह एवं शिशु विभाग के डॉ. जेनी मंडल ने बताया कि डेंगू का मच्छर आवास के आसपास जमा साफ पानी में पनपता है। यह मच्छर गहरे काले रंग का होता है, जिसके शरीर पर सफेद चमकीली पट्टियां होती हैं। इसलिए अपने आवास के आस-पास पानी को जमा नहीं होने दें। कूलर, छत या परिसर में रखे गए गमले में जमे पानी को नियमित तौर पर बदलते रहें। पूरे शरीर को कपड़े से ढंके रहें। मोजे पहनें। सोते समय रात को मच्छरदानी का प्रयोग करें। साफ-सफाई पर नियमित रूप से विशेष ध्यान देने की जरूरत है।  

 इस बारे में एसकेएमसीएच अधीक्षक डॉ. एसके शाही ने कहा कि यहां मरीजों की जांच एवं इलाज की मुफ्त सुविधा उपलब्ध है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के वायरोलॉजी लैब मेंं इस बीमारी की जांच कराई जाती है। डेंगू के मरीजों के मिलने के साथ शिशु एवं औषधि विभाग के सभी चिकित्सकों को अलर्ट कर दिया गया है। यहां अब तक आने वाले सभी मरीज खतरे से बाहर हैं।

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