मुंगेर [जेएनएन]। बिहार के मुंगेर में बीते एक पखवारा के अंदर पुलिस ने आठ एके 47 रायफल बरामद किए हैं। शुक्रवार को भी पुलिस ने मिर्जापुर बरदह गांव में छापामारी कर जमीन के नीचे गाड़ कर रखे गए दो एके 47 बरामद किए। जबलपुर से सेना के हथियार लाने व फिर यहां से इन्‍हें दूर-दूर तक भेजने के लिए तस्‍करों का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। यहां तक कि इनकी सप्‍लाई अंतरराष्‍ट्रीय आतंकियों तक की गई।

शमशेर से पूछताछ में मिले सुराग

एसपी बाबू राम ने बताया कि तीन एके-47 के साथ पकड़े गए मु. शमशेर को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। शमशेर से पुलिस को यह जानकारी मिली कि 29 अगस्त को इमरान के तीन एके 47 रायफल के साथ पकड़े जाने के बाद उसके घर पर रखे गए दो एके-47 रायफल को हटा कर हथियार तस्कर मंजर खान उर्फ मंजीत के घर पर पहुंचा दिया गया। इस सूचना के बाद पुलिस ने सर्च आपरेशन शुरू किया। मंजीत के घर की तलाशी ली गई, लेकिन पुलिस को कोई कामयाबी नहीं मिली।

अमाना ने उगले राज, गिरफ्तार

शमशेर की गिरफ्तारी के बाद मंजीत ने अपने सहयोगी लुकमान और उसकी पत्नी आयशा के सहयोग से एके 47 रायफल को आमना खातून के आवासीय परिसर में जमीन के नीचे गाड़ दिया। पुलिस ने आमना खातून को गिरफ्तार कर जब पूछताछ की, तो उसने पूरी जानकारी दे दी। वहां से पुलिस ने दोनों एके 47 रायफल बरामद कर लिया। उधर टीम को बड़ी संख्या में कारतूस मिलने की बात भी कही जा रही है।

कई राज्यों में फैला तस्‍करों का नेटवर्क

एसपी ने कहा कि एके 47 के तस्करी का नेटवर्क जिला के अलावा कई राज्यों में फैला हुआ है। पुलिस साक्ष्य के आधार पर लगातार कार्रवाई कर रही है। एसपी ने कहा कि अब तक मुंगेर पुलिस की टीम को जबलपुर, भागलपुर, औरंगाबाद, न्यू जलपाईगुड़ी, जमशेदपुर सहित अन्य जगहों पर भेज चुकी है। पूछताछ में एके 47 खरीदने और इसके तस्करी में कई लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस सभी बिंदु पर जांच कर रही है। साक्ष्य मिलने के बाद गिरफ्तारी की जाएगी।

देश-विदेश में बेचे हथियार

पुलिस का मानना है कि मुंगेर के तस्‍करों ने एके 47 न केवल नक्‍सलियों, बल्कि आतंकियों को भी बेचे। कुछ साल पहले ढ़ाका में हुए आतंकी हमले में भी मुंगेर से भेजे गए एके 47 इस्‍तेमाल किए गए थे।

Posted By: Amit Alok