मुंगेर। रेल निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का रोष धीरे-धीरे सरकार एवं रेल प्रशासन पर बढ़ता जा रहा है। विरोध को गति देने के लिए निजीकरण विरोधी संघर्ष मोर्चा का गठन ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन के शाखाध्यक्ष विश्वजीत कुमार की अध्यक्षता में किया गया।

निजीकरण के विरोध में गठित मोर्चा में अधिकतर सेवानिवृत्त रेल कर्मियों को जगह दिया गया है। मोर्चा के मनोनीत मुख्य संयोजक चांदसी पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार रेल को निजीकरण के हाथों में देकर देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान को पूंजीपतियों के हाथों में गिरवी रखकर रेल कर्मचारियों के भविष्य पर कुठाराघात कर रहा है। किसी भी कीमत पर रेल को निजीकरण नहीं होने दिया जाएगा। चाहे रेलकर्मी एवं यूनियन को कोई भी कुर्बानी देना क्यों ना पड़े। हम लोग पीछे नहीं हटने वाले जल्द ही निजीकरण के विरोध में वृहद पैमाने पर आंदोलन का शंखनाद गठित मोर्चा के द्वारा किया जाएगा।

इस मौके पर सह संयोजक योगेश्वर ठाकुर, युगल किशोर यादव, शक्ति धर प्रसाद, सखीचंद मंडल, पटेल प्रसाद सिंह, नंदकिशोर सिंह सहित कई शामिल थे।

Posted By: Jagran

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