जमालपुर की गलियों में बिक रहा सूखा नशा, परिवारों की खुशियां छिनीं, कार्रवाई के नाम पर लॉलीपाप, दलदल में युवा
Jamalpur Munger Brown Sugar Drug Abuse Illegal Trade Crisis News: मुंगेर के जमालपुर और ईस्ट कॉलोनी में युवाओं के बीच ...और पढ़ें

Jamalpur Munger Brown Sugar Drug Abuse Illegal Trade Crisis News
HighLights
जमालपुर-ईस्ट कॉलोनी में युवाओं में ब्राउन शुगर की लत बढ़ी।
नशे के लिए युवा घरों में चोरी, परिवार में विवाद कर रहे।
पुलिस कार्रवाई बेअसर, पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था की मांग।
संवाद सूत्र, जमालपुर (मुंगेर)। Jamalpur Munger Brown Sugar Drug Abuse Illegal Trade Crisis News: जिस कच्ची उम्र में युवाओं के हाथों में किताबें, हुनर और रोजगार के साधन होने चाहिए, उस उम्र में कई हाथ नशे की पुड़िया तलाश रहे हैं। मुंगेर जिले के जमालपुर और ईस्ट कॉलोनी थाना क्षेत्र की गलियों में सूखा नशा यानी ब्राउन शुगर की कथित सुगम उपलब्धता ने पुलिस प्रशासन के दावों और कानूनी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुंगेर जिले के जमालपुर व ईस्ट कॉलोनी थाना क्षेत्र की दो दर्जन से अधिक गलियों और मोहल्लों में धड़ल्ले से बिक रहा सूखा नशा (ब्राउन शुगर)
नशे की लत पूरी करने के लिए घर का कीमती सामान बेच रहे युवा, मना करने पर माता-पिता से मारपीट और विवाद की नौबत
खलासी मोहल्ला, लोको कॉलोनी और आशिकपुर में पुलिस कार्रवाई के बावजूद धंधे पर नहीं लगा अंकुश; धर-पकड़ बेअसर
इलाज व पुनर्वास के बिना सिर्फ जेल भेजने से समस्या हल होना मुश्किल; PHC प्रभारी डॉ. अशोक पासवान ने स्वास्थ्य के लिए बताया जानलेवा
स्थानीय लोगों और नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं के परिजनों का साफ कहना है कि पुलिस की छिटपुट कार्रवाइयों के बावजूद धंधेबाजों का नेटवर्क जस का तस सक्रिय है। नतीजा यह है कि इस जानलेवा लत में फंसकर युवा अपने ही घर का सामान तक बेचने से परहेज नहीं कर रहे हैं।
स्वजनों के अनुसार, नशे की रोजाना खुराक जुटाने के लिए कई किशोर और युवा घर में चोरी करने लगे हैं। जब घर वाले पैसे देने से मना करते हैं, तो माता-पिता के साथ विवाद और मारपीट तक की नौबत आ जाती है।
पीड़ित परिजनों का कहना है कि वे अपने बच्चों की इस लत से पूरी तरह टूट चुके हैं। कई परिवारों को तो अपने बच्चों को सुधारने के लिए रांची तक के नशा मुक्ति केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है।
20 से अधिक इलाकों में बिछा है नशे का संजाल, बेअसर साबित हो रही पुलिसिया कार्रवाई
स्थानीय निवासियों ने बताया कि ईस्ट कॉलोनी थाना क्षेत्र के बीएसएपी-9 गेट, बड़ी आशिकपुर दो पुलिया, 212 नंबर पुल, नयागांव, डीएसपी कोठी, कब्रगाह, महंत चौराहा, रेलवे अस्पताल के पास और मुंगरौड़ा में यह जहर आसानी से मिल रहा है।
वहीं जमालपुर थाना क्षेत्र के दौलतपुर चौक, बड़ी दरियापुर, रामपुर कॉलोनी, धर्मशाला रोड, टिपटॉप गली, सदर बाजार, खलासी मोहल्ला, जनता मोड़, केशवपुर और फरीदपुर में नशे का व्यापक नेटवर्क फैल चुका है।
हालांकि, पुलिस ने खलासी मोहल्ले से 8, लोको कॉलोनी से 4 और आशिकपुर से एक तस्कर को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था, लेकिन जमीनी स्तर पर नशे की सप्लाई में कोई कमी नहीं आई है।
जेल भेजने से नहीं, पुनर्वास से सुधरेंगे हालात, डॉक्टरों ने जताई गंभीर चिंता
नशे में पकड़े गए युवाओं को कानूनी प्रक्रिया के बाद जब जमानत मिलती है, तो वे फिर उसी दलदल में लौट जाते हैं। परिजनों का मानना है कि केवल गिरफ्तारी और आपराधिक केस से युवाओं का भविष्य और खराब हो रहा है।
जब तक नशा मुक्ति और प्रभावी पुनर्वास (Rehabilitation) की व्यवस्था नहीं की जाएगी, तब तक इसका स्थायी समाधान संभव नहीं है। मामले पर ईस्ट कॉलोनी थानाध्यक्ष वीरभद्र सिंह ने बताया कि नशेड़ियों के जुटने और अवैध खरीद-बिक्री की सूचना पर पुलिस तुरंत छापेमारी करती है तथा बरामदगी के आधार पर नियमानुसार जेल भेजा जाता है।
वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) जमालपुर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक पासवान ने सचेत करते हुए कहा कि सूखा नशा शरीर को धीरे-धीरे खोखला कर देता है। इससे फेफड़े, सांस से जुड़ी बीमारियां और मानसिक असंतुलन जैसे गंभीर खतरे पैदा हो रहे हैं।
