पति की मौत ने छीना घर का सहारा, बच्चों के निवाले को तरस रही मां! मुंगेर में 10 माह से सरकारी मदद की आस दफ्तरों के चक्कर
Munger Road Accident Compensation Delays: मुंगेर की उमा देवी अपने पति की सड़क दुर्घटना में मौत के 10 महीने बाद ...और पढ़ें

दोनों बच्चों के साथ उमा देवी. जागरण
HighLights
पति की मौत के 10 माह बाद भी सरकारी सहायता नहीं।
बच्चों के निवाले के लिए उमा देवी कर रही घरेलू काम।
विधवा पेंशन, पारिवारिक लाभ, आपदा राहत राशि का इंतजार।
आनंद चौहान, संग्रामपुर (मुंगेर)। Munger Road Accident Compensation Delays: "पति के रहते जिस घर में दो वक्त की रोटी आसानी से जुट जाती थी, आज वहां चूल्हा जलाना भी एक बड़ा संघर्ष बन गया है।" संग्रामपुर ब्लॉक और जिला मुख्यालय के चक्कर काटती उमा देवी की यह सजल आंखें प्रशासनिक संवेदनहीनता की बानगी दे रही हैं। पति के सड़क हादसे में दुनिया छोड़ जाने के बाद पूरे परिवार के भरण-पोषण का पहाड़ जैसा बोझ उमा देवी के कंधों पर आ गया है।
कभी दूसरों के घरों में चौका-बर्तन कर बच्चों के लिए दो निवाले जुटाती हैं, तो कभी सरकारी मदद की आस में दफ्तरों की सीढ़ियां चढ़ती हैं। करीब 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक सहायता राशि का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। नगर पंचायत संग्रामपुर के वार्ड संख्या एक चंदनियां निवासी कारेलाल मांझी (52) की 24 नवंबर को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।
पति की मौत के बाद उमा देवी ने सारे कागजात जुटाकर विधवा पेंशन, मुख्यमंत्री पारिवारिक लाभ योजना और आपदा प्रबंधन के तहत मिलने वाली अनुग्रह राशि के लिए आवेदन किया, लेकिन नतीजा शून्य ही रहा।
मुंगेर के नगर पंचायत संग्रामपुर स्थित चंदनियां की उमा देवी के पति कारेलाल मांझी की 24 नवंबर 2025 को हादसे में हुई थी मौत
पति की मौत के 10 महीने बीत जाने के बाद भी नहीं मिली विधवा पेंशन, मुख्यमंत्री पारिवारिक लाभ व आपदा राहत राशि
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