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मुंगेर में नल-जल योजना की खुली पोल! कौड़िया में 20 दिन से सूखे नल, बोरिंग में फंसी सबमर्सिबल; ग्रामीणों में आक्रोश

Published: Mon, 14 Sep 2026 10:29 PM (IST)

Munger Haveli Kharagpur Kourya Ward 8 Submersible Motor Breakdown Water Crisis Update News; मुंगेर के हवेली खड़गपुर प्रखंड की कौड़िया ...और पढ़ें

Munger Haveli Kharagpur Kourya Ward 8 Submersible Motor Breakdown Water Crisis Update News हवेली खड़गपुर की कौड़िया पंचायत में बंद पड़ा नल-जल योजना

Munger Haveli Kharagpur Kourya Ward 8 Submersible Motor Breakdown Water Crisis Update News हवेली खड़गपुर की कौड़िया पंचायत में बंद पड़ा नल-जल योजना

HighLights

  1. हवेली खड़गपुर में नल-जल योजना की बोरिंग में गिरी मोटर।

  2. 20 दिनों से 100 परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।

  3. ग्रामीणों की शिकायत पर PHED ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया।

संवाद सहयोगी, हवेली खड़गपुर (मुंगेर)। 'हर घर नल का जल' पहुंचाने के सरकारी दावों की जमीनी हकीकत मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर प्रखंड अंतर्गत कौड़िया पंचायत के वार्ड संख्या आठ में पूरी तरह उजागर हो गई है। गांव में नल-जल योजना की बोरिंग के भीतर सबमर्सिबल मोटर गिर जाने के कारण पिछले 20 दिनों से नलों से एक बूंद पानी भी नहीं टपका है।

इसके चलते करीब 100 परिवारों के सामने पेयजल और रोजमर्रा के कामों के लिए पानी जुटाना एक गंभीर चुनौती बन गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 31 अगस्त को नल-जल योजना में आई तकनीकी खराबी को ठीक करने के लिए विभागीय कर्मी पहुंचे थे। मरम्मत कार्य के दौरान लापरवाहीवश सबमर्सिबल मोटर बोरिंग के गहरे पाइप में नीचे गिर गई।

  • हवेली खड़गपुर प्रखंड की कौड़िया पंचायत के वार्ड आठ में 31 अगस्त से बोरिंग में सबमर्सिबल मोटर गिरने से जलापूर्ति पूरी तरह ठप

  • पाइपलाइन व नल लगे होने के बावजूद 100 से अधिक परिवार विगत 20 दिनों से पानी की किल्लत झेलने को विवश

  • महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों को रोजमर्रा के कामों के लिए दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा

  • ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, DM व PHED मंत्री को भेजा आवेदन; कनीय अभियंता संजय किरण बोले- जल्द निकाला जाएगा सबमर्सिबल

इसके बाद से ही मोटर को निकालने और जलापूर्ति बहाल करने की दिशा में विभाग का रवैया बेहद ढीला रहा। तीन हफ्ते बीत जाने के बाद भी न तो फंसी हुई मोटर निकाली जा सकी है और न ही प्रभावित ग्रामीणों के लिए टैंकर या अन्य माध्यम से कोई वैकल्पिक जलापूर्ति की व्यवस्था की गई है।

भोजन पकाने से लेकर मवेशियों तक आफत, दूर से पानी ढोने को मजबूर लोग

वार्ड सचिव ललन कुमार सिंह सहित स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जलापूर्ति ठप होने से गांव में जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पीने के पानी के अलावा खाना बनाने, नहाने, कपड़े धोने और पशुओं को पिलाने के लिए पानी जुटाना भी आफत बन गया है।

गांव की महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को चिलचिलाती धूप में दूर-दराज के निजी कुओं और चापाकलों से सिर पर पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत के बाद भी कोई अधिकारी यह बताने को तैयार नहीं है कि मोटर कब तक बाहर निकाली जाएगी।

मुख्यमंत्री और DM को भेजा आवेदन, PHED के JE ने दिया आश्वासन

विभागीय सुस्ती से तंग आकर कौड़िया वार्ड आठ के निवासियों ने मुख्यमंत्री, पीएचईडी मंत्री, प्रधान सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त, मुंगेर के जिलाधिकारी (DM) और पीएचईडी के कनीय अभियंता को लिखित आवेदन भेजकर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों ने कहा कि जब करोड़ों रुपये की लागत से योजनाएं बनाई गई हैं, तो फिर एक छोटी सी तकनीकी खराबी को दूर करने में 20 दिन का समय लगना विभाग की गंभीर नाकामी को दर्शाता है।

इधर, पूरे मामले पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के कनीय अभियंता (JE) संजय किरण ने बताया कि कौड़िया पंचायत के वार्ड आठ में सबमर्सिबल मोटर गिरने की जानकारी मिली है।

बोरिंग से फंसी मोटर को निकालने और तकनीकी खामी को दूर करने का प्रयास तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिया कि बहुत जल्द समस्या का समाधान कर पूरे वार्ड में जलापूर्ति फिर से बहाल कर दी जाएगी।