वीबी-जीरामजी में नहीं रुकेगा काम, मजदूरों को मिलेगा रोजगार
मुंगेर जिले में बाढ़ प्रभावित 43 पंचायतों के कारण वीबी-जीरामजी योजना के तहत लिंक पीरियड में भी काम जारी रहेगा, जिससे अकुशल मजदूरों को रोजगार मिलता रहेगा।

मुंगेर में वीबी-जीरामजी योजना जारी, बाढ़ प्रभावित मजदूरों को मिलेगा निरंतर रोजगार
HighLights
बाढ़ के कारण मुंगेर में वीबी-जीरामजी कार्य जारी।
अकुशल मजदूरों को मिलेगा निरंतर रोजगार का अवसर।
डीडीसी ने नई योजनाएं चुनने का दिया निर्देश।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। ग्रामीण विकास विभाग की अधिसूचना के बाद मुंगेर जिले में इस वर्ष लिंक पीरियड के दौरान भी वीबी-जीरामजी योजना के तहत काम जारी रहेगा। इससे अकुशल मजदूरों को रोजगार मिलता रहेगा।
उपविकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने सभी प्रखंडों के कार्यक्रम पदाधिकारियों को पत्र भेजकर नई योजनाओं का चयन कर मानव दिवस सृजित करने का निर्देश दिया है।
डीडीसी ने बताया कि वीबी-जीरामजी एक्ट के तहत धान की बुआई और कटनी के दौरान मजदूरों की व्यस्तता को देखते हुए लिंक पीरियड में योजनाओं का काम बंद रखने का प्रविधान है।
इस वर्ष निर्धारित अवधि के दौरान जिले की 43 पंचायतें पूरी तरह बाढ़ प्रभावित रहने के कारण फसल कटनी की संभावना नगण्य है।
इस स्थिति को देखते हुए विभाग ने लिंक पीरियड में भी योजनाओं का संचालन जारी रखने और मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने की अनुमति दी है।
एक वर्ष में 36 लाख मानव दिवस सृजन का लक्ष्य
वीबी-जीरामजी योजना के तहत जिले में एक जुलाई से 31 मार्च तक 36 लाख मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित है।
हालांकि, मानव दिवस सृजन के मामले में मुंगेर जिला राज्य में 36वें स्थान पर है। ऐसे में अधिक से अधिक योजनाओं का चयन कर रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
2294 योजनाओं पर चल रहा काम
फिलहाल जिले की 85 पंचायतों में 2294 योजनाओं के लिए 3048 मस्टर रोल दर्ज किए गए हैं। इनके माध्यम से 11227 अकुशल श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। सभी श्रमिकों का ई-केवाईसी भी कराया जा चुका है।
डीडीसी ने बाढ़ प्रभावित पंचायतों में नई योजनाएं चयनित कर अधिकाधिक मानव दिवस सृजित करने का निर्देश दिया है, ताकि मजदूरों के परिवारों की आजीविका प्रभावित न हो।
