'मैं जीना चाहती हूं, लेकिन...': रिया के आखिरी शब्दों ने छोड़े कई सवाल; सुसाइड नोट के 10 दिन बाद भी नहीं हुई गिरफ्तारी
मुंगेर के बीचागांव में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा रिया कुमारी की आत्महत्या के 10 दिन बाद भी ...और पढ़ें

बीचागांव में फंदे से लटकी मिली थी छात्रा; सुसाइड नोट में पति व ससुराल पक्ष पर लगाया था प्रताड़ना व बदनामी का आरोप
HighLights
रिया कुमारी ने सुसाइड नोट में पति-ससुराल वालों को ठहराया जिम्मेदार।
घटना के 10 दिन बाद भी पुलिस ने नहीं की कोई गिरफ्तारी।
परिजनों में आक्रोश, पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवाल।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। कासिम बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत बीचागांव में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा रिया कुमारी की आत्महत्या का मामला 10 दिन बीत जाने के बाद भी ठोस पुलिसिया कार्रवाई की बाट जोह रहा है।
घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट में पति और ससुराल वालों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराए जाने और मृतका के पिता द्वारा 8 लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बावजूद अब तक एक भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस की इस शिथिलता से मृतका के परिजनों में भारी आक्रोश पनप रहा है।
परिजनों का सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कमरे से मिले सुसाइड नोट में पति के कारण जान देने की स्पष्ट बात सामने आई है, तो 10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली क्यों हैं?
'जीना चाहती थी, लेकिन ससुराल वालों ने बदनाम कर दिया'
कासिम बाजार थानाध्यक्ष रुबीकांत कच्छप ने बताया कि रिया के कमरे से बरामद सुसाइड नोट को पुलिस जांच का अहम आधार मान रही है। रिया ने अपने अंतिम पत्र में मार्मिक दर्द बयां करते हुए लिखा था कि वह जीना चाहती थी, लेकिन पति और ससुराल वालों ने उसे इस कदर बदनाम और प्रताड़ित कर दिया कि वह जीकर भी हर पल मर रही थी। अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण वह यह आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर हुई। रिया ने यह भी लिखा था कि शादी के बाद उसका सपना प्रतियोगी परीक्षा पास कर पति का संबल बनना था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
2023 में हुआ था प्रेम विवाह, महीने भर में ही लौटी थी मायके
मृतका के पिता अमरनाथ शर्मा ने बताया कि रिया ने वर्ष 2023 में दिलावरपुर बाड़ा निवासी नवजीत कुमार भास्कर के साथ प्रेम विवाह किया था। शादी के महज एक महीने बाद ही पति की कथित प्रताड़ना और कलह से तंग आकर वह मायके लौट आई थी। परिजनों का आरोप है कि मायके में रहने के बावजूद पति उसे लगातार फोन कर मानसिक रूप से टॉर्चर करता था, जिसके चलते वह गहरे अवसाद में चली गई थी।
खाना खाकर कमरे में गई, फंदे से लटकी मिली
गत 10 अगस्त की रात रिया ने परिवार के साथ सामान्य रूप से खाना खाया और अपने कमरे में चली गई। देर रात तक जब वह बाहर नहीं निकली, तो अनहोनी की आशंका में परिजनों ने दरवाजा खोला। अंदर रिया फंदे से लटकी मिली। उसे तत्काल नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। बाद में तीन डॉक्टरों की मेडिकल टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया था।
स्नातक पास रिया दो भाइयों की इकलौती लाडली बहन थी और मायके में रहकर सरकारी नौकरी की तैयारी में जुटी थी, लेकिन लगातार मिल रहे मानसिक दबाव ने उसकी जान ले ली।
