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मुंगेर : गोली ने तोड़ा लाचार पिता का सपना! बेटे इशांत को बनाना था अफसर, बहन के सम्मान की खातिर लड़ते हुए गंवाई जान

Published: Sat, 19 Sep 2026 05:30 PM (IST)

Munger Ishant Kumar Murder Case: मुंगेर में बहन से छेड़खानी के विरोध में छात्र इशांत कुमार की गोली मारकर हत्या ...और पढ़ें

Munger Ishant Kumar Murder Case: मुंगेर में टाउन उच्च विद्यालय के छात्र इशांत की कनपटी में मारी गोली; बहन से छेड़खानी के विरोध में हत्या, ई-रिक्शा चालक पिता का टूटा सपना

Munger Ishant Kumar Murder Case: मुंगेर में टाउन उच्च विद्यालय के छात्र इशांत की कनपटी में मारी गोली; बहन से छेड़खानी के विरोध में हत्या, ई-रिक्शा चालक पिता का टूटा सपना

HighLights

  1. इशांत कुमार की मुंगेर में गोली मारकर निर्मम हत्या

  2. बहन से छेड़खानी के विरोध में हुई यह वारदात

  3. बेटे को अफसर बनाने का पिता का सपना टूटा

संवाद सहयोगी, मुंगेर। Munger Ishant Kumar Murder Case:सुबह जिस बेटे को पिता ने उज्ज्वल भविष्य की आस लिए स्कूल भेजा था, शाम ढलते-ढलते उसी बेटे की अर्थी घर की चौखट पर पहुंच गई। मुंगेर शहर के नौलखा निवासी चंदन कुमार ने सपने में भी नहीं सोचा था कि जिस बेटे को उच्च शिक्षा दिलाकर बड़ा अफसर बनाने के लिए वे दिन-रात धूप-बारिश में ई-रिक्शा का पहिया घुमाते हैं, भरी जवानी में उसी बेटे को कंधा देना पड़ेगा।

टाउन उच्च विद्यालय के होनहार छात्र इशांत कुमार की शनिवार को गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। एक गोली ने न केवल इशांत की जीवन लीला समाप्त कर दी, बल्कि एक संघर्षशील पिता के वर्षों पुराने सपनों को भी चकनाचूर कर दिया। शनिवार की सुबह इशांत रोजाना की तरह स्कूल गया था।

परिवार के लिए यह एक आम दिन जैसा ही था। स्कूल से लौटने के कुछ देर बाद उसके दोस्त ऋतुराज ने बताया कि निरंजन कुमार और आयुष कुमार ने फोन कर उसे विद्युत आपूर्ति कार्यालय के समीप जरूरी बात करने के लिए बुलाया है।

  • मुंगेर के नौलखा निवासी टाउन उच्च विद्यालय के मेधावी छात्र इशांत कुमार की बिजली कार्यालय के पास कनपटी में गोली मारकर हत्या

  • ई-रिक्शा चलाकर बेटे को उच्च शिक्षा दिलाने और अफसर बनाने का सपना देख रहे पिता चंदन कुमार के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

  • दो माह पूर्व बहन से हुई छेड़खानी के प्रतिशोध से जुड़ा मामला; आरोप है कि समझौते के बहाने बुलाकर निरंजन ने सटाकर मारी गोली

  • तीन डॉक्टरों की मेडिकल टीम ने वीडियोग्राफी के बीच किया शव का पोस्टमार्टम; फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी

स्वजनों के अनुसार, इशांत जैसे ही बताए गए स्थान पर पहुंचा, घात लगाए निरंजन ने बिना किसी बहस का मौका दिए सीधे उसकी कनपटी पर रिवाल्वर सटाकर गोली दाग दी। गोली लगते ही इशांत लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद साथी उसे आनन-फानन में निजी क्लीनिक ले गए, जहां से गंभीर हालत देखते हुए मुंगेर सदर अस्पताल लाया गया। आपातकालीन वार्ड में चिकित्सकों ने बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण प्राथमिक उपचार के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया। इशांत दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था।

जिस घर में गूंजती थी पढ़ाई की चर्चा, वहां अब पसरीं सिसकियां

बेटे की मौत की खबर मिलते ही चंदन कुमार और उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां, पिता और छोटे भाई-बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर के आंगन में बेटे के करियर, आगामी परीक्षाओं और किताबों की बातें होती थीं, वहां अब केवल मातम और चीत्कार गूंज रहा है।

Munger Student Ishant Kumar Shot Dead Over Sister Harassment (1)

चंदन सीमित आय के बावजूद बच्चों की पढ़ाई में कभी कोई कसर नहीं छोड़ते थे। बेटे की शिक्षा ही उनके जीवन संघर्ष की सबसे बड़ी प्रेरणा थी। आज घर के कोने में इशांत का बस्ता और किताबें तो मौजूद हैं, लेकिन उन्हें पढ़ने वाला होनहार छात्र हमेशा के लिए खामोश हो चुका है।

बहन से छेड़खानी का विरोध बना हत्या की वजह, समझौते के बहाने बुलाया

वारदात की तह में करीब दो माह पुराना विवाद सामने आया है। इशांत के पिता के अनुसार, लगभग दो महीने पहले उनका बेटा और बेटी हसरगंज स्थित लाल का चौक के समीप एक कोचिंग संस्थान में ट्यूशन पढ़ने जाते थे। आरोप है कि रास्ते में निरंजन और आयुष उनकी बेटी के साथ फब्तियां कसते हुए छेड़खानी करते थे। इशांत ने जब इसका कड़ा विरोध किया, तो विवाद काफी बढ़ गया था। अनहोनी के डर से परिजनों ने दोनों बच्चों का वहां ट्यूशन जाना बंद करा दिया था।

स्वजनों का आरोप है कि आरोपित इसी रंजिश को पाले हुए थे और शनिवार को विवाद सुलझाने व आपसी समझौते का झांसा देकर इशांत को बिजली कार्यालय के पास बुलवाया गया। बातचीत शुरू होती, उससे पहले ही पूर्व नियोजित साजिश के तहत उसे गोली मार दी गई।

तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम, आरोपितों की तलाश तेज

घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया, जिसमें डॉ. आशीष, डॉ. आशीष (द्वितीय) और डॉ. रूपेश कुमार शामिल थे। चिकित्सकों की देखरेख में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर सघन छापेमारी की जा रही है।