मुंगेर के स्कूल में MDM में कीड़ा और बच्चों से बर्तन धुलवाने पर फूटा गुस्सा; ग्रामीणों का हंगामा, BEO करेंगे जांच
मुंगेर के मध्य विद्यालय गोविंदपुर में मध्याह्न भोजन में गड़बड़ी और छात्रों से मजदूरी कराने पर ग्रामीणों ने हंगामा किया। ...और पढ़ें

मध्य विद्यालय गोविंदपुर में 253 बच्चों के लिए 31 किलो के बदले 20 किलो चावल पकाने का आरोप; बर्तन-नाली साफ कराने की शिकायत
HighLights
मध्याह्न भोजन में कीड़े और गुणवत्ता खराब होने का आरोप।
बच्चों से स्कूल में नाली, बर्तन साफ कराने की शिकायत।
शिक्षकों पर आपत्तिजनक व्यवहार और पढ़ाई न कराने का आरोप।
संवाद सहयोगी, धरहरा (मुंगेर)। मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय गोविंदपुर में सोमवार को अव्यवस्था, मध्याह्न भोजन (MDM) में भारी गड़बड़ी और शिक्षकों के आपत्तिजनक व्यवहार को लेकर ग्रामीणों का भारी आक्रोश फूट पड़ा। स्कूली बच्चों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण विद्यालय पहुंचे और शिक्षकों के सामने ही बच्चों की आपबीती सुनी।
बच्चों ने भोजन में कीड़े निकलने, बर्तन धुलवाने, नाली साफ कराने और पढ़ाई ठप रहने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए। आक्रोशित ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया और पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
MDM में कीड़ा मिलने और बच्चों से नाली-बर्तन साफ कराने का आरोप
विद्यालय पहुंचे ग्रामीणों के सामने बच्चों ने रोते हुए अपनी पीड़ा बयां की। बच्चों का आरोप है कि मध्याह्न भोजन में कई बार कीड़े निकल चुके हैं और गुणवत्ता बेहद खराब रहती है। शिकायत करने पर प्रधानाध्यापक अनिल कुमार सिंह द्वारा कथित रूप से अपमानजनक और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें डांटकर चुप करा दिया जाता है।
इसके अलावा बच्चों ने गंभीर आरोप लगाया कि उनसे स्कूल परिसर की गंदी नालियां साफ कराई जाती हैं, भोजन के बाद थालियां और बड़े बर्तन धुलवाए जाते हैं तथा शौचालयों में पानी डलवाया जाता है। विद्यालय में सफाई एजेंसी 20 मई से नहीं आ रही है, जिसका खामियाजा नौनिहालों को भुगतना पड़ रहा है। पढ़ाई महज एक-दो घंटी कराकर बाकी समय शिक्षक बैठे रहते हैं।
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एक शिक्षिका पर अशोभनीय सवाल पूछने का संगीन आरोप
ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने विद्यालय की एक शिक्षिका पर भी गंभीर आरोप जड़े हैं। बच्चों के अनुसार, उक्त शिक्षिका कक्षाओं में बच्चों की उम्र के प्रतिकूल आपत्तिजनक और अशोभनीय बातें करती हैं तथा अमर्यादित प्रश्न पूछती हैं। अभिभावकों ने इसे छात्र-छात्राओं के मानसिक विकास पर कुठाराघात बताते हुए शिक्षा विभाग से तत्काल जांच कर शिक्षिका को हटाने की मांग की है।
31 किलो के बदले बना 20 किलो चावल, राशन में कटौती का खेल
उपस्थिति पंजी के अनुसार सोमवार को कक्षा 1 से 5 तक 136 और कक्षा 6 से 8 तक 117 सहित कुल 253 बच्चे उपस्थित थे। सरकारी मापदंड के अनुसार 253 बच्चों के लिए 31.150 किलोग्राम चावल और 6.230 किलोग्राम दाल बननी चाहिए थी।
ग्रामीणों ने मौके पर पाया कि निर्धारित मात्रा की जगह महज करीब 20 किलो चावल और 5 किलो दाल ही बनाई गई थी। सीधे तौर पर बच्चों के निवाले में कटौती कर बड़े स्तर पर अनाज गबन किए जाने का आरोप लगाया गया है।
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3 शिक्षक एक साथ छुट्टी पर, BEO ने थमाया नोटिस
प्रधानाध्यापक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल में 12 शिक्षक कार्यरत हैं और कुल 391 बच्चे नामांकित हैं। सोमवार को शिक्षिका पल्लवी कुमारी सीसीएल, संगीता कुमारी विशेष अवकाश और शिक्षक अब्बा अजीज आकस्मिक अवकाश पर थे।
मामले की जानकारी मिलते ही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) भोगेंद्र कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। बीईओ ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार एक साथ अधिकतम दो शिक्षकों को ही अवकाश की अनुमति दी जा सकती है। तीन शिक्षकों के एक साथ अनुपस्थित रहने पर प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
बीईओ ने कहा कि एमडीएम में कीड़ा, भोजन की मात्रा में कटौती, बच्चों से मजदूरी कराने और शिक्षिका के आचरण से जुड़े सभी आरोपों की गहन जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
