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मुंगेर : एक ऑपरेशन, एक जान गई, संग्रामपुर नर्सिंग होम में मच गया हड़कंप

Published: Mon, 09 Feb 2026 08:57 PM (IST)

मुंगेर के संग्रामपुर में एक अवैध निजी नर्सिंग होम में ऑपरेशन के दौरान 20 वर्षीय प्रसूता मधु कुमारी की मौत ...और पढ़ें

मुंगेर क्लीनिक के बाहर मौजूद महिला के स्वजन।

मुंगेर क्लीनिक के बाहर मौजूद महिला के स्वजन।

HighLights

  1. अवैध नर्सिंग होम में ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत।

  2. डॉक्टर और स्टाफ लापरवाही के बाद मौके से फरार।

  3. क्लिनिक पर पहले भी लापरवाही से मौत का आरोप।

संवाद सहयोगी, संग्रामपुर (मुंगेर)। मुंगेर के संग्रामपुर प्रखंड मुख्यालय में संचालित एक अवैध निजी नर्सिंग होम में रविवार को ऑपरेशन के दौरान 20 वर्षीय प्रसूता मधु कुमारी की मौत से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मृतका बेलहर थाना क्षेत्र के सौताडीह गांव की निवासी थी। परिजन ने नर्सिंग होम संचालक और डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना के बाद डॉक्टर और स्टाफ फरार बताए जा रहे हैं।

ऑपरेशन के दौरान लापरवाही का आरोप

जानकारी के अनुसार प्रसव पीड़ा के दौरान परिजन मधु कुमारी को संग्रामपुर स्थित माँ रामसखी क्लिनिक लेकर पहुंचे। परिजन का आरोप है कि वहां मौजूद बीएएमएस डिग्रीधारी डॉक्टर केडी कुमार ने स्थिति को गंभीर बताते हुए बड़े ऑपरेशन की बात कही और खून की कमी का हवाला देकर पहले पैसे जमा करने को कहा।

ऑपरेशन के बाद मधु की हालत लगातार बिगड़ती रही। वह घबराहट, बेचैनी और तेज गर्मी की शिकायत कर रही थी। जब डॉक्टर को बुलाने की मांग की गई, तो स्टाफ ने आश्वासन दिया कि घबराने की जरूरत नहीं है।

कुछ देर बाद मधु को नाक में ऑक्सीजन लगाकर एंबुलेंस में डाला गया और भागलपुर रेफर किया गया। परिजन का आरोप है कि भागलपुर पहुंचते ही एंबुलेंस चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। चिकित्सकों द्वारा जांच पर मधु को मृत घोषित कर दिया गया।

स्‍वजन का आरोप और पूर्व मामले की याददाश्त

मधु के पिता अशोक दास ने कहा कि डॉक्टर की घोर लापरवाही के कारण उनकी बेटी की जान गई। उन्होंने आरोप लगाया कि नर्सिंग होम को बचाने के लिए जानबूझकर रेफर करने का नाटक किया गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार यह पहला मामला नहीं है। बीते वर्ष 13 जुलाई को भी इसी क्लिनिक में खपड़ा गांव की एक गर्भवती महिला की मौत हुई थी, जिसे कथित तौर पर पैसों के लेन-देन के जरिए दबा दिया गया था।

घटना के बाद क्लिनिक बंद है और डॉक्टर व स्टाफ फरार हैं। देर शाम तक परिजनों द्वारा संग्रामपुर थाना में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी, जिससे मामले के दबाए जाने की आशंका गहराती जा रही है।

परिवार और नवजात की स्थिति

मधु कुमारी की शादी एक वर्ष पूर्व हुई थी और यह उसका पहला बच्चा था। परिजनों ने बताया कि बच्चा अभी निजी क्लिनिक में सुरक्षित रखा गया है और ठीक है, लेकिन माँ का साया उससे छिन गया। मधु के पति धीरज कुमार बेंगलुरु में मजदूरी करते हैं और होली में अपने गांव आने वाले थे।