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मुंगेर: 3 साल के मासूम का अपहरण कर 3 लाख में बेचा, पुलिस ने साढ़े 4 घंटे में आरा से किया बरामद

Published: Wed, 12 Aug 2026 08:23 PM (IST)

मुंगेर पुलिस ने लालदरवाजा से अपहृत तीन वर्षीय मासूम अभिराज को साढ़े चार घंटे में आरा से सकुशल बरामद कर लिया।

इसी कार से ले जा रहे थे बच्चे को और आरोपित मुंगेर निवासी नीरज कुमार। (जागरण)

इसी कार से ले जा रहे थे बच्चे को और आरोपित मुंगेर निवासी नीरज कुमार। (जागरण)

HighLights

  1. मुंगेर पुलिस ने साढ़े चार घंटे में मासूम अभिराज को बचाया।

  2. बच्चे को तीन लाख में बेचकर पंजाब ले जाने की थी साजिश।

  3. सीसीटीवी फुटेज और त्वरित कार्रवाई से छह आरोपित गिरफ्तार।

संवाद सहयोगी, मुंगेर। कोतवाली थाना क्षेत्र के लालदरवाजा में बुधवार दोपहर घर के बाहर खेल रहे तीन वर्षीय मासूम अभिराज के अपहरण और उसे तीन लाख रुपये में बेचकर पंजाब ले जाने की साजिश को मुंगेर पुलिस ने महज साढ़े चार घंटे में बेनकाब कर दिया।

स्वजन की सतर्कता, सीसीटीवी फुटेज और मुंगेर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से भोजपुर पुलिस के सहयोग से आरा में कार को रोककर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया।

इस मामले में तीन पुरुष और तीन महिलाओं समेत छह आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं। दरअसल, लालदरवाजा निवासी विनोद यादव का पुत्र अभिराज बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे घर के बाहर खेल रहा था।

इसी दौरान कार सवार लोग उसे उठाकर फरार हो गए। बच्चे के अचानक गायब होने से परिवार में कोहराम मच गया। स्वजन ने तत्काल आसपास के इलाकों में खोजबीन शुरू की और माइकिंग कराकर लोगों से बच्चे की तलाश में सहयोग की अपील की।

पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि समय पर सूचना मिलते ही भोजपुर पुलिस से संपर्क साधा गया और पूरी घटना के बारे में बताया। नतीजा यह रहा कि मासूम सकुशल बरामद कर लिया गया। इस धंधे में कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस दिशा मुंगेर और भोजपुर पुलिस काम कर रह है।

सीसीटीवी फुटेज से मिला क्लू

तलाश के दौरान इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में मासूम को कार में ले जाते हुए देखा गया। इसके बाद पुलिस ने वाहन की पहचान कर जांच तेज कर दी।

तकनीकी और स्थानीय सूचना के आधार पर पुलिस ने लालदरवाजा सेवासदन निवासी नीरज को हिरासत में लिया। पूछताछ में पूरे घटनाक्रम की परतें खुलने लगीं।

आरा में रोकी गई कार, बच्चा सुरक्षित मिला

कोतवाली थानाध्यक्ष राजीव कुमार तिवारी ने बताया कि नीरज से पूछताछ के बाद भोजपुर पुलिस को सूचना दी गई। संयुक्त कार्रवाई में आरा में कार को रोककर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि बच्चे को तीन लाख रुपये में खरीदकर पंजाब ले जाया जा रहा था। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़े गिरोह से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।

गिरफ्तार छह आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा पहले भी ऐसे कितने बच्चों की खरीद-फरोख्त की गई है। मुंगेर पुलिस आरोपितों और बरामद बच्चे को लेकर लौट रही है।

पुलिस की कार्रवाई से टली बड़ी वारदात

यदि सीसीटीवी फुटेज समय पर नहीं मिलता और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की होती, तो मासूम को पंजाब ले जाया जा सकता था।

इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा और सक्रिय मानव तस्करी नेटवर्क की आशंका को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस पूरे गिरोह के पर्दाफाश के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

पंजाब नंबर की कार से बच्चे को ले जा रहे थे आरोपित, आरा में पांच धराए

इधर, भोजपुर एसपी राज ने बताया कि मुंगेर पुलिस ने भोजपुर पुलिस से संपर्क किया था। इसके बाद शाम करीब सात बजे डीआइयू को सक्रिय किया गया।

गजराजगंज ओपी क्षेत्र के आरा-बक्सर हाईवे पर बामपाली के समीप घेराबंदी कर एक कार को रोका गया। कार से अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया।

वहीं, पुलिस सूत्रों के अनुसार कार में सवार तीन महिलाओं और दो पुरुषों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। कार का रजिस्ट्रेशन पंजाब नंबर का है।

हिरासत में ली गई महिलाओं में दो पंजाब और एक बिहार के बेगूसराय जिले की रहने वाली बताई जा रही हैं। बरामदगी की सूचना मुंगेर पुलिस को दे दी गई है। मुंगेर पुलिस भोजपुर के लिए रवाना हो गई है। केस में मुंगेर में दर्ज है।

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