संवाद सूत्र, असरगंज (मुंगेर): जीवन में परम शांति ही मनुष्य का परम लक्ष्य होना चाहिए। इसके लिए आत्म ज्ञान जरूरी है क्योंकि आत्मज्ञान ही हमें जीवन मरण के बंधन से मुक्ति दिलाता है। उक्त बातें स्वामी सुबोधानंद जी महाराज ने कमरगामा स्थित शर्मा टोला में चल रहे सात दिवसीय भागवत कथा के समापन पर रविवार को कही । कहा कि भागवत महापुराण सभी पुराणों में श्रेष्ठ है। भागवत श्रीकृष्ण का ग्रंथाकार स्वरूप है । जिसके श्रवण चितन से भक्तों को मुक्ति मिल जाती है। स्वामी जी ने कृष्ण सुदामा मिलन प्रसंग का मार्मिक व तात्विक विवेचना करते हुए बताया कि जीवात्मा रूपी सुदामा सदबुद्धि रूपी सुशीला धर्मपत्नी की प्रेरणा से प्रभु दर्शन के लिए प्रयास करता है। इस मौके पर कृष्ण सुदामा मिलन की जीवंत झांकी प्रस्तुत की गयी । मौके पर सुशीला शर्मा, पुतुल शर्मा , प्रिया शर्मा , अजय शर्मा , सोमा शर्मा , प्रवीण शर्मा , स्वेता शर्मा आदि मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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