मुंगेर : मुंगेर मंडलकारा में व्याप्त भ्रष्टाचार तथा कारा उपाधीक्षक निर्मल कुमार प्रभात के द्वारा जेल में कैदियों के साथ किए जा रहे अमानवीय व्यवहार के मुद्दे पर जनाधिकारी मोर्चा की बैठक मोर्चा अध्यक्ष संजय केशरी की अध्यक्षता में हुई । बैठक को संबोधित करते हुए संजय केशरी ने कहा कि किसी भी कैदी को दंड देने का अधिकार न्यायालय को है, न कि उपाधीक्षक निर्मल कुमार प्रभात को। अध्यक्ष ने कहा कि जेलर कैदियों के साथ जबरन मारपीट करते हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केशरी ने कहा कि मानवाधिकार कार्यकर्ता चंद्रमा यादव की निर्मम पिटाई तथा इस पर मुकदमा दर्ज होने के प्रतिक्रिया स्वरुप उसे सेल में बंद करना तथा सेल से मोबाइल बरामदगी का मामला बहुत ही आक्रोशित करने वाला है। निर्मल कुमार प्रभात पर सिर्फ मुंगेर में ही पांच मुकदमा दर्ज होना साबित करता है कि वो या तो बहुत ही ज्यादा ईमानदार है या बहुत ही भ्रष्ट हैं। सामाजिक कार्यकर्ता डा.हेमंत कुमार ने कहा कि प्रतिदिन सौ कैदियों का खाना घर से जाता है, परंतु जेल में सभी बंदियों के खाने का खर्च दिखाया जाता है, जो निर्मल कुमार प्रभात पर स्वत: भ्रष्टाचार का एक उदाहरण मात्र है। डा. हेमंत ने कहा कि उन पर मुंगेर के अलावे और कहां कहां कितने आरोप लगे हैं इसकी भी जांच होनी चाहिए। आरटीआइ कार्यकर्ता परशुराम ¨सह ने कहा कि जेल का भ्रष्टाचार जेल की ऊंची चहारदीवारी के अंदर छिप जाती है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 16 मार्च को शिष्टमंडल डीएम उदय कुमार ¨सह से मिलकर उन्हें एक सप्ताह का अल्टीमेटम देगा और जेलर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने पर विशाल महाधरना दिया जाएगा। मौके पर अजय प्रसाद ¨सह, गिरिजा शंकर नलिन, नरेश कुमार गुप्ता, जय किशोर यादव, मु. आरजु, कर्पूरी तांती, कैलाश यादव, अखिलेश गुप्ता, शंकर यादव, कन्हैया कुमार आदि उपस्थित थे।

By Jagran