मुंगेर : शहीद अजय यादव के शहादत की खबर सुन उनके आवास पर डीएम उदय कुमार ¨सह, एसपी आशीष भारती, एसडीओ कुंदन कुमार, एसपी अभियान राणा नवीन आदि शहीद के घर पहुंचे। एसपी ने शहीद अजय के पिता सरयुग यादव, भाई कैलाश यादव, सदानंद यादव, शहीद के अबोध बच्चे शौर्य श्री एवं आराध्या भारती के लिए हर संभव मदद की अपनी प्रतिबद्धता जताई। शहीद अजय के शव को देखने के बाद भी अचेत पत्नी स्प्रिया कुछ पल में होश में आने के बाद भी यकीन नहीं हो रहा था कि प्राणों से ज्यादा प्यार करने वाला पति आज मॉ भारती के लिए खुद को बलि वेदी पर अर्पित कर दिया । बस वो यही रट लगाए जा रही थी, वो मुझे छोड़कर कैसे जा सकते हैं। मां को रोते देख अजय की बड़ी बेटी आराध्या भारती और पुत्र शौर्य श्री भी रोने लगता था। शहीद अजय के शव का दर्शन करने आए एक बुजुर्ग शव देखते ही फूट फूटकर रो पड़े और कहा कि देश अब पुरी तरह गुलाम हो गया । हजारों नौजवान नक्सली हमले के शिकार हो रहे हैं । सरकार नक्सलपंथ को समाप्त करने के बजाए परिजनों को मुआवजा राशि भेज शहादत का अपमान कर रही है।

इधर, छतीसगढ के सुकमा नक्सली हमले में शहीद हुए अजय की खबर से आहत सपा जिलाध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा कि डयूटी पर जाने के कुछ दिन पूर्व हुए मुलाकात में अजय ने मुझसे बचपन की कई बातें को साझा करते हुए कहा कि भैया मैं इस बार के चुनाव में जरूर वोट करने आउंगा। पप्पू यादव ने भावुक होते हुए कहा कि अजय हमलोगों के मैदान का साथी था। राष्ट्र के समर्पित इस सिपाही के जज्बे को सलाम करते हैं । छतीसगढ में नक्सली हमले में शहीद हुए अजय की शहादत ने कई अहम सवालो को फिर ¨जदा कर दिया।

By Jagran