थल सेना कैंप में चमकीं मुंगेर की बेटियां! बिहार व झारखंड को दिलाया दूसरा स्थान; गौरी-मनीषा की जोड़ी सफलता बनी मिसाल
Munger RD DJ College NCC Cadets Thal Sainik Camp: मुंगेर की गौरी कुमारी और मनीषा कुमारी ने अखिल भारतीय थल ...और पढ़ें

Munger RD DJ College NCC Cadets Thal Sainik Camp: मुंगेर की बेटियों का राष्ट्रीय स्तर पर डंका; थल सेना शिविर में गौरी और मनीषा ने दिलाया दूसरा स्थान
HighLights
गौरी और मनीषा ने थल सेना शिविर-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
बिहार-झारखंड एनसीसी निदेशालय को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान मिला।
मुंगेर की बेटियों की सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बनी।
जागरण संवाददाता, मुंगेर। Munger RD DJ College NCC Cadets Thal Sainik Camp: मुंगेर की बेटियों ने एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर अपनी प्रतिभा और अदम्य साहस का लोहा मनवाया है। देश के सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण आयोजनों में शुमार अखिल भारतीय थल सेना शिविर (AITSC)-2026 में आरडी एंड डीजे कॉलेज, मुंगेर की एनसीसी कैडेट अंडर ऑफिसर (UO) गौरी कुमारी और सार्जेंट मनीषा कुमारी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पूरे जिले और राज्य का मान बढ़ाया है।
दोनों प्रतिभावान कैडेटों ने बिहार एवं झारखंड एनसीसी निदेशालय का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर निदेशालय को ओवरऑल दूसरा स्थान (रनर-अप) दिलाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।आरडी एंड डीजे कॉलेज के एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. प्रभाकर पोद्दार ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि अखिल भारतीय थल सेना शिविर एनसीसी का सबसे कठिन और प्रतिष्ठापरक राष्ट्रीय कैंप माना जाता है।
अखिल भारतीय थल सेना शिविर (AITSC)-2026 में आरडी एंड डीजे कॉलेज, मुंगेर की दो एनसीसी कैडेट्स ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
अंडर ऑफिसर (UO) गौरी कुमारी और सार्जेंट मनीषा कुमारी ने बिहार एवं झारखंड एनसीसी निदेशालय का किया प्रतिनिधित्व
देशभर के शीर्ष निदेशालयों के बीच हुई कड़ी स्पर्धा में बिहार-झारखंड निदेशालय को दूसरा स्थान दिलाने में निभाई निर्णायक भूमिका
एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. प्रभाकर पोद्दार और प्राचार्य प्रो. बिजेंद्र कुमार ने कैडेट्स की उपलब्धि को बताया प्रेरणादायी
इस शिविर में देशभर के सभी 17 एनसीसी निदेशालयों से महीनों की सघन चयन प्रक्रिया के बाद चुने गए सर्वश्रेष्ठ कैडेट ही हिस्सा लेते हैं। यहां कैडेटों की शारीरिक सहनशीलता, उत्कृष्ट सैन्य प्रशिक्षण, शस्त्र संचालन, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और विपरीत परिस्थितियों में निर्णय लेने के आत्मविश्वास की अत्यंत कड़ी परीक्षा ली जाती है। इसके साथ ही तकनीकी और मैदानी गतिविधियों में भी उनके कौशल को परखा जाता है।
कड़े अभ्यास और अनुशासन की बदौलत मिली सफलता
लेफ्टिनेंट डॉ. प्रभाकर पोद्दार ने कहा कि गौरी और मनीषा ने कई महीनों के अनवरत अभ्यास, असाधारण परिश्रम और उच्च कोटि के अनुशासन के बल पर यह गौरवपूर्ण मुकाम हासिल किया है। राष्ट्रीय स्तर के कड़े मुकाबले में देश भर के कैडेट्स को पछाड़ते हुए उन्होंने साबित कर दिया कि मुंगेर की बेटियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उनकी इस शानदार सफलता से कॉलेज के एनसीसी विंग और अन्य छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह और ऊर्जा का माहौल है।
विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनीं दोनों कैडेट्स: प्राचार्य
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. बिजेंद्र कुमार ने दोनों सफल कैडेटों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि एनसीसी युवाओं में राष्ट्रप्रेम, निस्वार्थ सेवा, कर्तव्यनिष्ठा, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को अंकुरित करने का सबसे सशक्त और प्रभावी मंच है। कठिन चुनौतियों को पार कर राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली गौरी और मनीषा की यह सफलता कॉलेज के साथ-साथ सीमांचल व अंग क्षेत्र के तमाम छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत बनेगी।
