बिहार की तरक्की की चाबी महिलाओं के हाथ! मुंगेर में जीविका के 20 साल पूरे होने पर विधायक नचिकेता ने कही बड़ी बात
Munger Jeevika 20 Years Nitish Samvad: जीविका परियोजना के 20 वर्ष पूरे होने पर मुंगेर में 'नीतीश संवाद' कार्यक्रम आयोजित ...और पढ़ें

मुंगेर में जीविका के 20 वर्ष बेमिसाल-नीतीश संवाद कार्यक्रम में जीविका दीदियों और कार्यकर्ता।
HighLights
जीविका परियोजना ने बिहार में महिला सशक्तीकरण के 20 वर्ष पूरे किए।
मुंगेर में 'नीतीश संवाद' में जीविका दीदियों ने सफलता के अनुभव बांटे।
महिलाओं को 50% आरक्षण से नीति-निर्माण में सीधी भागीदारी मिली।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। Munger Jeevika 20 Years Nitish Samvad: बिहार में महिला सशक्तीकरण और आर्थिक स्वावलंबन का पर्याय बन चुकी 'जीविका' परियोजना के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर जदयू महिला प्रकोष्ठ की ओर से 'जीविका के 20 वर्ष बेमिसाल-नीतीश संवाद' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया
मुंगेर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों, महिला कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जमालपुर विधायक नचिकेता मंडल ने कहा कि महिलाओं की प्रगति के बिना बिहार की तरक्की संभव नहीं है।
तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्ष 2006 में ही यह समझ लिया था कि राज्य के विकास की असली कुंजी महिलाओं के हाथों में है। विधायक ने कहा कि दो दशक पूर्व शुरू हुई जीविका योजना आज एक जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है।
इसने न केवल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि समाज में उनके प्रति नजरिया और सम्मान भी बदला है। जीविका दीदियों ने अपने आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत के दम पर अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।
जीविका के सफल 20 वर्ष पूरे होने पर मुंगेर में जदयू महिला प्रकोष्ठ द्वारा '20 वर्ष बेमिसाल-नीतीश संवाद' का आयोजन
जमालपुर विधायक नचिकेता मंडल ने कहा—मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2006 में ही समझ ली थी महिला सशक्तीकरण की ताकत
मुख्य वक्ता व पूर्व राज्यसभा सांसद कहकशां परवीन ने कहा—पंचायती राज में 50% व नौकरियों में 35% आरक्षण से बदला परिदृश्य
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल हुईं जीविका दीदियां; अपने संघर्ष, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के अनुभव किए साझा
जीविका दीदियों ने साझा किए अनुभव, 50% आरक्षण से बदला महिलाओं का भाग्य
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जीविका दीदियों ने अपनी सफलता और संघर्ष की प्रेरक कहानियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि कैसे जीविका से जुड़कर उन्हें रोजगार, नियमित आय और समाज में अपनी अलग पहचान बनाने का अवसर मिला।
मुख्य वक्ता सह पूर्व राज्यसभा सांसद कहकशां परवीन ने कहा कि नीतीश सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत और सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण देकर इतिहास रचा है। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि इन निर्णयों ने नीति-निर्माण में महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित की है।
महिला सशक्तीकरण के मॉडल की सराहना, कई दिग्गजों ने रखे विचार
जदयू जिलाध्यक्ष सौरव निधि ने कहा कि हमारे अभिभावक नीतीश कुमार द्वारा महिलाओं के संबल के लिए किए गए कार्य आज धरातल पर दिख रहे हैं और कार्यक्रम में उमड़ी यह भीड़ इस बात की प्रत्यक्ष गवाह है।
कार्यक्रम में प्रभार डॉक्टर प्रीति, तारापुर के पूर्व विधायक राजीव सिंह, महापौर कुमकुम देवी, वनिता देवी, बबीता राय, इंदुमती देवी, मुनीलाल मंडल, नवीन सिंह, संजय सिंह तथा कमल नयन सिंह समेत कई प्रमुख नेताओं और समाजसेवियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
