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गोद में बच्चा लेकर ट्रेन में घूमती थीं, मौका मिलते ही उड़ाती थीं सामान; मुंगेर में महिला चोर गिरोह ने पुल‍िस के सामने खोले कई राज

Published: Sat, 14 Mar 2026 09:14 PM (IST)

रेल पुलिस, आरपीएफ और सीआइबी ने जमालपुर में एक अंतरराज्यीय महिला चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। चार महिलाओं को ...और पढ़ें

ट्रेन और स्टेशन पर सक्रिय महिला चोर गिरोह का खुलासा

ट्रेन और स्टेशन पर सक्रिय महिला चोर गिरोह का खुलासा

HighLights

  1. अंतरराज्यीय महिला चोर गिरोह का जमालपुर में पर्दाफाश।

  2. चार महिलाएं गिरफ्तार, 28.42 लाख रुपये का सामान बरामद।

  3. बच्चों को गोद में लेकर यात्रियों को निशाना बनाती थीं।

संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। रेल यात्रियों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक अंतरराज्यीय महिला चोर गिरोह का रेल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। रेल पुलिस, आरपीएफ और सीआइबी की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को सफियाबाद क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए गिरोह की चार महिलाओं को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान इनके पास से सोना-चांदी के आभूषण, नगदी और मोबाइल सहित कुल 28 लाख 42 हजार रुपये मूल्य का सामान बरामद किया गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह की महिलाएं अलग-अलग शहरों और राज्यों में जाकर फर्जी पहचान पत्र बनाकर ठहरती थीं। इसके बाद मौका देखकर ट्रेन और स्टेशन परिसर में यात्रियों को अपना निशाना बनाती थीं। फिलहाल चारों महिलाओं को झारखंड के जामताड़ा जिले का निवासी बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस इनके असली नाम-पते की भी जांच कर रही है। गिरफ्तार महिलाओं को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। रेल पुलिस जल्द ही अदालत से रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ करेगी, ताकि गिरोह के सरगना और अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी मिल सके।

बच्चे को गोद में लेकर करती थीं वारदात

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह की महिलाएं यात्रियों का विश्वास जीतने और संदेह से बचने के लिए अपने छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लेकर ट्रेन और स्टेशन परिसर में घूमती थीं। बच्चों के साथ रहने के कारण यात्रियों को उन पर शक नहीं होता था और इसी का फायदा उठाकर वे मौका मिलते ही बैग, जेवर और नगदी लेकर फरार हो जाती थीं।

पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह लंबे समय से कई राज्यों में सक्रिय है और रेल यात्रियों को निशाना बना रहा था। रेल जिला जमालपुर में पिछले छह महीनों के दौरान चोरी के करीब 50 मामले दर्ज किए गए हैं। रेल एसपी विद्यासागर ने बताया कि इन मामलों में गिरफ्तार महिलाओं की संलिप्तता की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। तकनीकी जांच और पूछताछ के बाद कई मामलों का खुलासा होने की उम्मीद है।

चार मोबाइल जब्त, सीडीआर खंगालेगी पुलिस

गिरफ्तार महिलाओं के पास से चार मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। रेल पुलिस न्यायालय की अनुमति से इन मोबाइलों का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकलवाएगी। इसके आधार पर तकनीकी अनुसंधान करते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों और मुख्य सरगना तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि गिरफ्तार महिला दुर्गा कुमारी पहले भी चोरी के एक मामले में जेल जा चुकी है। वर्ष 2021 में झाझा थाना में दर्ज एक मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। उस समय उसके द्वारा दिया गया नाम और पता सही था या नहीं, इसकी भी अब जांच की जा रही है। पुलिस को शक है कि गिरोह की मुख्य सरगना भी इसी समूह से जुड़ी हो सकती है।

हर बिंदु पर चल रही जांच

रेल एसपी विद्यासागर ने बताया कि गिरफ्तार चारों महिलाओं के साथ उनके छोटे बच्चे भी हैं। हाल के दिनों में बच्चा चोरी की घटनाओं की खबरें सामने आती रही हैं, इसलिए इस पहलू को भी गंभीरता से जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्चों का इन महिलाओं से क्या संबंध है।

उन्होंने बताया कि रेल पुलिस, आरपीएफ और सीआइबी की संयुक्त कार्रवाई के बाद इस अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हो सका है। इस अभियान में शामिल अधिकारियों और जवानों को पुरस्कृत करने की अनुशंसा की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ के दौरान गिरोह के नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।