Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    ऑक्सीजन की कमी से आइसीयू में भर्ती महिला की मौत, परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाएं सवाल

    Updated: Wed, 02 Jul 2025 12:36 PM (IST)

    मुंगेर में सदर अस्पताल की लापरवाही के कारण एक वृद्ध महिला की ऑक्सीजन की कमी से मौत हो गई। रंजन देवी नामक महिला ब्रेन हेमरेज से पीड़ित थी और आईसीयू में भर्ती थी। परिजनों का आरोप है कि समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने से उनकी मौत हुई जबकि अस्पताल का कहना है कि ऑक्सीजन उपलब्ध था। विधायक ने मामले की जांच की मांग की है।

    Hero Image
    ऑक्सीजन की कमी से आइसीयू में भर्ती महिला की मौत। जागरण फोटो

    जागरण संवाददाता, मुंगेर। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर से सवाल खड़ा हो गया है। इस बार अस्पताल की अव्यवस्था के कारण एक वृद्ध महिला की मौत हो गई। उसे सही समय पर आक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पाया, जबकि उसके परिजन अस्पताल में ऑक्सीजन के लिए इधर उधर भटकने रहे।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    बुधवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे आक्सीजन के अभाव में सदर अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती एक वृद्ध महिला रंजन देवी(67) की मौत हो गई। वह कोतवाली थाना क्षेत्र के गुलजार पोखर स्थित दारू गोदाम के पास की रहनेवाली और सेवानिवृत पोस्ट मास्टर मदन मोहन प्रसाद की पत्नी थी।

    वह ब्रेन हेमरेज से पीड़ित थी और 29 जून को मुंगेर सदर अस्पताल के आइसीयू वार्ड में भर्ती हुई थी। वृद्धा की मौत पर स्वजन ने सदर अस्पताल के कर्मियों पर अनदेखी करने तथा समय पर आक्सीजन उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया।

    स्वजन ने कहा कि बुधवार की सुबह लगभग साढ़े पांच बजे जब रंजन देवी की तबीयत बिगड़ने लगी और आक्सीजन की कमी होने लगी तो कर्मियों को आक्सीजन लगाने के लिए कहा, लेकिन स्टोर रूम में रखा चारों ऑक्सीजन सिलेंडर खाली था।

    ऑक्सीजन समय ले उपलब्ध नहीं होने से रंजन देवी की मौत हो गई। वहीं, मौत के बाद आधे घंटे बाद ऑक्सीजन से भरा सिलेंडर अस्पताल पहुंचा।

    महिला के पुत्र सुमित कुमार ने बताया कि रंजन देवी को ब्रेन हेमरेज हुआ था। इसका ऑपरेशन पटना के निजी हॉस्पिटल में कराया गया था।

    29 जून को जब रंजन देवी की तबियत बिगड़ने लगी तो उन्हें सदर अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। सदर अस्पताल में आक्सीजन प्लांट उपलब्ध होने के बाद भी मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं की जाती है।

    बुधवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन काम करना बंद कर दिया तो मरीज की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था में रखे आक्सीजन सिलेंडर की मांग की गई तो स्टोर रूम में रखा चार सिलेंडर खाली पड़ा मिला। ऐसे में आक्सीजन की कमी के कारण उनकी मौत हो गई।

    ऑक्सीजन सिलेंडर था खाली

    आइसीयू वार्ड में भर्ती एक अन्य मरीजों के स्वजन लल्लू पोखर निवासी धर्मेंद्र पासवान ने बताया कि तीन दिन पहले महिला को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी स्थिति खराब थी।

    बुधवार की सुबह हंगामा सुनने पर जब नींद खुली तो देखा कि बेटा मां को सीपीआर दे रहा है। सीपीआर देते समय के शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही है।

    जब आक्सीजन सिलेंडर की जांच की गई तो पता चला कि चारों सिलेंडर खाली हैं। ऐसे में ऑक्सीजन के अभाव में महिला की मौत हो गई।

    गंभीर अवस्था में लगी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन

    आइसीयू वार्ड की प्रभारी संगीता कुमारी ने बताया कि महिला तीन दिनों से आइसीयू वार्ड में भर्ती थी। उसे आक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन लगाया गया था।

    मरीज की स्थिति काफी गंभीर थी और सभी जगह से उसे रेफर किए जाने के बाद स्वजन ने सदर अस्पताल में भर्ती कराया था।

    मृतक के स्वजन बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। मंगलवार की रात करीब साढ़े दस बजे चार ऑक्सीजन सिलेंडर स्टाक में रखा गया था। इसमें तीन की खपत हुई और एक भरा सिलेंडर अभी भी उपलब्ध है।

    क्या है पूरा मामला?

    रंजन देवी को 20 जून को घर पर ही ब्रेन हेमरेज हुआ था। इसके बाद स्वजन ने महिला को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने महिला को पटना एम्स रेफर कर दिया।

    स्वजन मरीज को लेकर पटना एम्स पहुंचे, लेकिन बेड नहीं मिलने की वजह से आइजीएमएस और पीएमसीएच में भर्ती कराने की कोशिश की। वहां भी बेड के अभाव में मरीज को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।

    वहां ब्रेन का ऑपरेशन किया गया। इसके बाद स्वजन मरीज को मुंगेर ले आएऔर 26 जून शहर के दो निजी अस्पताल में इलाज करवाया।

    वहां अधिक राशि खर्च हो जाने पर महिला को 29 जून को सदर अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया। जहां आक्सीजन के अभाव में महिला की मौत हो गई।

    मरीज का अपोलो अस्पताल पटना में ब्रेन हेमरेज के बाद सर्जरी हुई थी, मरीज को घर ले जाना था, लेकिन स्वजन सदर अस्पताल ले आए। यहां मरीज तीन दिनों से भर्ती थी। जिस समय मरीज की मौत हुई, उस समय वहां दो भरा हुआ आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध था। मरीज के स्वजन का आरोप बेबुनियाद है।

    तौसीफ हसनैन, अस्पताल प्रबंधक

    ऑक्सीजन के अभाव में मरीज की मौत का मामला काफी गंभीर है। इस मामले को स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा और मामले की जांच करवाकर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।

    प्रणव कुमार, विधायक, मुंगेर